अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)
Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)
महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा
स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)
DevanagariHindipublished805 पृष्ठ
पृष्ठ 105, कुल 805 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 105
२० भाषार्थसहिता ॥
आश्रमानामयं प्रोक्तो मयाधर्मः सनातनः ॥ ११३ ॥
यदत्राविदितंकिंचित्तदन्येभ्योगमिष्यथ ॥
इति विष्णुप्रोक्तं धर्मशास्त्रं समाप्तम् ॥
आश्रम की प्राप्ति केवल ब्राह्मण को ही कही है—यह चारो आश्रमों का सनातन धर्म हमने कहा ॥ ११३ ॥ जो कुछ इस ग्रन्थ में तुमने नहीं जाना उस को अन्य धर्म शास्त्र ग्रन्थों से जान जाओगे ॥
इति वैष्णवधर्मशास्त्रभाषासमाप्ता ॥