अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)
Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)
महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा
स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)
DevanagariHindipublished805 पृष्ठ
पृष्ठ 13, कुल 805 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 13
६ अष्टादशस्मृतिसूचीपत्रम् ॥
| संख्या | विषयाः | स्मृतिनाम | पृष्ठानि |
|---|---|---|---|
| १५४ | गृहस्थस्य प्रातरुत्थाय शयनावधि नित्यनैमित्तिकादिकर्त्तव्यक्रमः । ,, | ,, | १७ |
| १५५ | गृहस्थस्य परमो धर्मः । | ,, | २९ |
| १५६ | दानधर्मस्य सर्वोपरिरोचकं माहात्म्यम् । | ,, | ३१ |
| १५७ | वर्णधर्माः | १३-शंखस्मृतौ | १ |
| १५८ | गर्भाधानादयः संस्काराः । | ,, | २ |
| १५९ | ब्रह्मचर्य्यधर्माः | ,, | ४ |
| १६० | विवाहकरणव्याख्या । | ,, | ७ |
| १६१ | पञ्चमहायज्ञवर्णनम् । | ,, | ९ |
| १६२ | चतुराश्रमिणां पञ्चाग्न सारभूताः परमधर्माः । | ,, | ११ |
| १६३ | वानप्रस्थस्य संक्षेपेण कर्त्तव्यम् । | ,, | १२ |
| १६४ | संन्यासिनः कर्त्तव्यम् । | ,, | १४ |
| १६५ | अध्यात्मचिन्तायामात्मज्ञानप्रकारः । | ,, | १६ |
| १६६ | षड्विधस्नानव्याख्यानम् । | ,, | १८ |
| १६७ | क्रियास्नानविध्यध्यायः । | ,, | २१ |
| १६८ | आचमनविधिव्याख्यानम् । | ,, | २४ |
| १६९ | वेदोक्तपावनमन्त्रपरिगणनम् । | ,, | २७ |
| १७० | गायत्रीजपस्य विधिर्माहात्म्यं च । | ,, | २८ |
| १७१ | * तर्पणविधिमाहात्म्याध्यायः । | ,, | ३१ |
| १७२ | * श्राद्धविधिमाहात्म्याध्यायः । | ,, | ३४ |
| १७३ | सर्वविधसूतकशुद्धिव्याख्या । | ,, | ३९ |
| १७४ | द्रव्यशरीरादि शुद्धिव्याख्यानम् । | ,, | ४२ |
| १७५ | महापातकादि प्रायश्चित्तानि । | ,, | ४६ |
| १७६ | इष्ट पूर्तधर्मव्याख्या । | १४-लिखितस्मृतौ | १ |
| १७७ | मृतस्य गंगायामस्थिपातनादिना स्वर्गः । | ,, | २ |
| १७८ | मृतस्य पिण्डदान सपिण्डी करणादिकर्म । | ,, | ३ |
| १७९ | सन्ध्योपासनादि कृत्यम् । | ,, | १० |
| १८० | अपमृत्युमृते प्रेतकृत्यनिषेधः । | ,, | ११ |
| १८१ | पतितसंसर्गादिप्रायश्चित्तानि । | ,, | १२ |
| १८२ | अनुपनीतबाले दोषाभावः । | १५-दक्षस्मृतौ | १ |
| १८३ | ब्रह्मचर्याश्रमविचारः । | ,, | २ |