अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)
Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)
महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा
स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)
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| अष्टादशस्मृतिसूचीपत्रम् ॥ | ५ | ||
|---|---|---|---|
| संख्या | विषयाः | स्मृतिनाम | पृष्ठानि |
| १२३ | श्वादिशुनादीनां प्रायश्चित्तानि । | ,, | २८ |
| १२४ | आहिताग्नेविदेशमरणेऽन्त्येष्टिप्रकारः | ,, | ३० |
| १२५ | प्राणिहत्याप्रायश्चित्तम् । | ,, | ३२ |
| १२६ | चाण्डालादिनीचैः सह संभाषणादौ प्रा० | ,, | ३५ |
| १२७ | द्रव्य शुद्धिप्रकारः । | ,, | ४३ |
| १२८ | ऋतुकालात्पूर्वं कन्योद्वाहः । | ,, | ४४ |
| १२९ | रजस्वलास्पर्शादि प्रायश्चित्तानि । | ,, | ४५ |
| १३० | गोवधादिप्रायश्चित्तम् | ,, | ५० |
| १३१ | धर्म सभया प्रायश्चित्तादि निर्णयः | ,, | ५२ |
| १३२ | सभयापि राजानुमतया धर्मनिर्णयः कार्यः | ,, | ५४ |
| १३३ | गोहत्यादि प्रायश्चित्तम् । | ,, | ५५ |
| १३४ | गोवृषभहत्याभेदेषु प्रायश्चित्तभेदव्याख्या । | ,, | ५७ |
| १३५ | अगम्यागमनव्यभिचारादि प्रायश्चित्तानि । | ,, | ६१ |
| १३६ | अभक्ष्यभक्षणादि प्रायश्चित्तानि । | ,, | ७४ |
| १३७ | ब्रह्मकूर्चव्रतव्याख्यानं माहात्म्यं च । | ,, | ७८ |
| १३८ | पञ्चविधानि स्नानानि । | ,, | ८४ |
| १३९ | आचमन विधिः । | ,, | ८५ |
| १४० | गृहे रक्षणीयानि वस्तूनि । | ,, | ८९ |
| १४१ | दानपात्रं कुटुम्ब्यादि । | ,, | ९० |
| १४२ | कृच्छ्रव्रत प्रत्याम्नायः । | ,, | ९१ |
| १४३ | ब्रह्महत्याप्रायश्चित्ते सेतुबन्धगमन विधिः । | ,, | ९२ |
| १४४ | सुरापानादि महापातक प्रायश्चित्तम् । | ,, | ९३ |
| १४५ | धर्मशास्त्र प्रस्तावः | १२-व्यासस्मृतौ | १ |
| १४६ | चाण्डालादयो वर्णसंकराः । | ,, | २ |
| १४७ | गर्भाधानादयः षोडश संस्काराः । | ,, | ३ |
| १४८ | ब्रह्मचारिणो नियम धर्माः । | ,, | ४ |
| १४९ | गृहस्थस्य विवाहादयो धर्माः । | ,, | ८ |
| १५० | सुभगाया गृहिण्याः पतिसेवाद्यो नित्यधर्माः । | ,, | ११ |
| १५१ | तस्याएव नैमित्तिकानि कर्त्तव्यानि । | ,, | १४ |
| १५२ | इत्थमाचरन्ती पतिव्रता भवति । | ,, | १२ |
| १५३ | त्यागाह्र्याः स्त्रियः । | ,, | १६ |