अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)
Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)
महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा
स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)
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अष्टादशस्मृतिसूचीपत्रम् ॥
| संख्या | विषयाः | स्मृतिनाम | पृ० |
|---|---|---|---|
| २१० | स्नातकधर्माः । | ,, | २२ |
| २११ | राजधर्मव्याख्यानम् । | ,, | २७ |
| २१२ | मृतसूतकशुद्धिव्याख्या । | ,, | ३९ |
| २१३ | मृतानां श्राद्धकर्मविधिः । | ,, | ४१ |
| २१४ | उपाकर्मविधिर्वेदानध्ययाश्च । | ,, | ४५ |
| २१५ | भक्ष्याभक्ष्यविचारः । | ,, | ४७ |
| २१६ | स्त्री धर्माः । | ,, | ४९ |
| २१७ | सर्वपापनाशनपुरस्सरं निःश्रेयसप्राप्तये कृत्यम् | ,, | ५२ |
| २१८ | पूर्वजन्मकृत दुष्कृतचिह्नानि । | ,, | ५४ |
| २१९ | जीवितायैवपतिताय तिलाञ्जलिः । | ,, | ५६ |
| २२० | पतितव्याख्यानम् । | ,, | ५७ |
| २२१ | ब्रह्महत्याप्रायश्चित्तम् । | ,, | ५८ |
| २२२ | मद्यपगुरुतल्पगयोः प्रायश्चित्तानि । | ,, | ६२ |
| २२३ | रहस्यगुप्तपापप्रायश्चित्तानि । | ,, | ६४ |
| २२४ | अवकीर्णि प्रायश्चित्तम् । | ,, | ६६ |
| २२५ | कृच्छ्रत्रयविधानम् । | ,, | ६७ |
| २२६ | चान्द्रायणव्रतविधिः । | ,, | ६९ |
| २२७ | भ्रातॄणां दायविभागः । | ,, | ७१ |
| २२८ | पूर्वजन्मकृतचिह्न लक्षितपापानां प्रायश्चित्तप्रस्तावः | ॥ १७-शातातपस्मृतौ | १ |
| २२९ | ब्रह्महत्यादिहिंसाप्रायश्चित्तानि । | ,, | ६ |
| २३० | सुरापानादिप्रायश्चित्तानि । | ,, | १७ |
| २३१ | सुवर्णस्तेयादि प्रायश्चित्तानि । | ,, | २१ |
| २३२ | अगम्यागमन पापप्रायश्चित्तानि । | ,, | २६ |
| २३३ | अपमृत्युना मृतानां तारणाय विधानम् । | ,, | ३४ |
| २३४ | धर्मार्हदेशविचारः। | ८१-वसिष्ठस्मृती | १ |
| २३५ | महापातकोपपातकानि | ,, | २ |
| २३६ | ब्राह्मादिषड्विवाहव्याख्यानम् । | ,, | ३ |
| २३७ | वर्णधर्मविचारः। | ,, | ५ |
| २३८ | आपद्धर्मो वर्णानाम् । | ,, | ८ |
| २३९ | कृषिव्याख्यानं तत्र धर्मः । | ,, | ९ |