अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)
Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)
महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा
स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)
पृष्ठ 533, कुल 805 में से
संदर्भ में पढ़ेंभाषार्थसहिता ॥ ११
अग्निदाता तथा चान्ये पाशच्छेदकराश्च ये । तप्तकृच्छ्रेण शुध्यन्ति मनुराहप्रजापतिः ॥ ६८ ॥ त्र्यहमुष्णं पिबेदापस्त्र्यहमुष्णं पयःपिबेत् । त्र्यहमुष्णं घृतं पीत्वा वायुभक्षो दिनत्रयम् ॥ ६९ ॥ गोभूहिरण्यहरणे स्त्रीणां क्षेत्रगृहस्य च । यमुद्दिश्य त्यजेत्प्राणांस्तमाहुर्ब्रह्मघातकम् ॥ ७० ॥ उद्यताः सह धावन्तो सर्वे ये शस्त्रपाणयः । यद्येकोऽपि हनेत्तत्र सर्वे ते ब्रह्मघातकाः ॥७१॥ बहूनां शस्त्रघातानां यद्येको मर्मघातकः । सर्वे ते शुद्धिमिच्छन्ति स एको ब्रह्मघातकः ॥७२॥ पतितान्नं यदा भुङ्क्ते भुङ्क्ते चाण्डालवेश्मनि । समासार्द्धं चरेद्वारि मासं कामकृतेन तु ॥७३॥ यो येन पतितेनैव संसर्गं याति मानवः । सतस्यैव व्रतं कुर्यात्तत्संसर्गविशुद्धये ॥७४॥ ब्रह्महापातकिस्पर्शे स्नानं येन विधीयते ।
सर्पादि से मरोंका दाह करने वाला तथा अन्य जन जो फांसीको काटने वाले हैं वे तप्तकृच्छ्रव्रत से शुद्ध होते हैं यह बात प्रजा के पति मनुजी ने कही है ॥ ६८ ॥ तीन दिन गर्म जल, तीन दिन गर्म दूध. तीन दिन गर्म घी पीवे और तीन दिन वायु को भक्षण करै यह तप्तकृच्छ्रव्रत का लक्षण है ॥६९॥ गौ, पृथिवी, सुवर्ण, स्त्री, खेत, घर, इन के हरलेने पर जिस का सताया हुआ मनुष्य प्राणों को त्यागे उस को ब्रह्म हत्या का अपराधी कहते हैं ॥ ७० ॥ अनेक मनुष्य शस्त्र ले २ कर एक संग किसी पर हमला करें उन में से यदि एक पुरुष भी मार डाले तो वे हमला करने वाले सब हत्या के अपराधी हैं ॥ ७१ ॥ हथियार से मारने वाले बहुतों में यदि एक कोई मर्म स्थान में मारे जिससे वह मरजावे तो वह मर्मघाती एकही दोषी है अन्य सब निर्दोष शुद्ध हैं ॥७२॥ जो पतितका अन्न खाय वा चाण्डालके घरमें अज्ञानसे खावे तो पन्द्रह दिन और जानकर खावे तो एकमास जलमात्र पीकर व्रत करे ॥ ७३ ॥ जो मनुष्य जिस पतित के साथ खान पानादि में मेल करता है वह उसी पतित के लिये कहा प्रायश्चित्त संसर्ग से हुए दोष की शुद्धि के लिये करे ॥७४॥ जिस ब्रह्महत्यारेका स्पर्श करनेसे स्नान करना कहा है उसी उच्छिष्ट पतितने स्पर्श किया