भारतकोश
अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)

महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा

स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)

DevanagariHindipublished805 पृष्ठ

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भाषाधर्मसंहिता ॥ २३

गुड़धेनुःप्रदातव्या तेनतद्दोषशान्तये ॥ ११ ॥ लोहहारीचपुरुषो जायतेबर्बरोगवान् । लोहंपलशतंदद्यादुपोष्यसतुवासरम् ॥ १२ ॥ तैलचोरस्तुपुरुषोभवेत्कण्ड्वादिपीडितः । उपोष्यसतुविप्राय दद्यात्तैलघटद्वयम् ॥ १३ ॥ आमान्नहरणाच्चैव दन्तहीनःप्रजायते । सदद्यादश्विनौहेमनिष्कद्वयविनिर्मितौ ॥ १४ ॥ पक्वान्नहरणाञ्चैव जिह्वारोगःप्रजायते । गायत्र्याःसजपेल्लक्षं दशांशंजुहुयात्तिलैः ॥ १५ ॥ फलहारीचपुरुषो जायतेव्रणिताङ्गुलिः । नानाफलानामयुतं सदद्यादथद्विजन्मने ॥ १६ ॥ ताम्बूलहरणाञ्चैव श्वेतोष्ठःसंप्रजायते । सदक्षिणांप्रदद्याच्च विद्रुमस्यद्वयंवरम् ॥ १७ ॥ शाकहारीचपुरुषो जायतेनीललोचनः ।


उदर में गुल्मरोग युक्त होता है उसको अपने दोष की शान्ति के लिये गुड़ धेनु का दान करना चाहिये ॥ ११ ॥ लोहा चुरानेवाला पुरुष बर्बरोगवाला होता है वह एक दिन उपवास करके चार सेर लोहे का दान करे ॥ १२ ॥ तैल चुरानेवाला पुरुष खुजली के राखादि से पीड़ित होता है वह दिनभर उपवास करके दो घड़े तेल ब्राह्मण को दान करे ॥ १३॥ कच्चा अन्न चुरानेवाला दांतों से हीन होता है । वह आठ तोला सुवर्ण से अश्विनी कुमार देवों की प्रतिमा बनाके दान करे ॥ १४ ॥ पकाया अन्न चुराने से जीभ में रोग होता है वह एक लाख गायत्री का जप करके घी युक्त तिलों से दशांश होम करे ॥१५॥ फल चुरानेवाला अंगुलियों में फोड़ा फुंसी युक्त होता है वह अनेक प्रकार के दशहजार फलों का दान ब्राह्मण को देवे ॥ १६ ॥ पान ( ताम्बूल ) चुराने से श्वेत ओठोंवाला होता है वह दो उत्तम मूंगा (पन्नादी) दक्षिणा देवे ॥१७॥ शाक चुरानेवाला पुरुष नीली आंखों से युक्त होता है । वह ब्राह्मण को दो महार-