भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 109, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 109

सोने के आभूषण, धूपन का द्रव्य गूगल, लेपन का द्रव्य तथा औक्ष अलंकारों के अधिष्ठाता देव भग ने तुझे गंधर्व तथा अग्नि द्वारा अभिलषित पति को प्राप्त करने के हेतु दिए हैं. (७) आ ते नयतु सविता नयतु पतिर्यः प्रतिकाम्यः. त्वमस्यै धेह्योषधे.. (८) हे कन्या! सब के प्रेरक सविता देव तेरे लिए मनचाहे वर को लाएं. वह भी तुझ से विवाह कर के तुझे अपने घर ले जाए. हे जड़ीबूटी! तुम इस कुमारी के लिए पति प्रदान करो. (८)