अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 522, कुल 1063 में से
संदर्भ में पढ़ेंयथा सूर्यो मुच्यते तमसस्परि रात्रिं जहात्युषसश्च केतून्. एवाहं सर्वं दुर्भूतं कर्त्रं कृत्याकृता कृतं हस्तीव रजो दुरितं जहामि.. (३२) जिस प्रकार सूर्य अंधकार से छूट जाता है और रात्रि तथा उषा के उत्पत्ति के कारणों को त्याग देता है और हाथी जिस प्रकार अपने शरीर पर लगी हुई धूल झाड़ देता है, उसी प्रकार मैं कृत्या का निर्माण करने वाले के कर्म को अपने से पूरी तरह दूर करता हूं. (३२) सूक्त-२ देवता—ब्रह्म-प्रकाशन केन पाष्णी आभृते पूरुषस्य केन मांसं संभृतं केन गुल्फौ. केनाङ्गुली: पेशनी: केन खानि केनोच्छ्लङ्खौ मध्यतः कः प्रतिष्ठाम्.. (१) मनुष्य की एड़ियों को, टखनों को और मांस को किस ने पुष्ट बनाया? मनुष्य की सुंदर उंगलियों को किस ने पुष्ट किया? उंगलियों के मध्य में नसों को किस ने स्थित किया? (१) कस्मान्नु गुल्फावधरावकृण्वन्नष्ठीवन्तावुत्तरौ पूरुषस्य. जङ्घे निर्ऋत्य न्यदधुः स्व स्विज्जानुनोः सन्धी क उ तच्चिकेत.. (२) नीचे के टखनों को किस से बनाया गया? पुरुष के घुटनों को, जांघों को तथा चरणों के मध्य को किस से बनाया गया? घुटनों का जोड़ कहां है और उसे कौन जानता है? (२) चतुष्टयं युज्यते संहितान्तं जानुभ्यामूर्ध्वं शिथिरं कबन्धम्. श्रोणी यदूरू क उ तज्जजान याभ्यां कुसिन्धं सुदृढं बभूव.. (३) घुटनों के ऊपर चारों भाग हैं—शिथिल, धड़, कंधे और जंघाएं. इन्हें किस ने बनाया, जिस से शरीर का भाग धड़ दृढ़ हुआ? (३) कति देवाः कतमे त असन् य उरो ग्रीवाश्चिक्युः पूरुषस्य. कति स्तनौ व्यदधुः कः कफोडौ कति स्कन्धान् कति पृष्टीरचिन्वन्.. (४) वे देव कितने थे, जिन्होंने पुरुष के हृदय को और गरदन को बनाया? कितने देवों ने पुरुष के स्तन बनाए. फेफड़ों को किस ने बनाया? कंधों की रचना कितने देवों ने की? पीठ की रचना कितने देवों ने की? (४) को अस्य बाहू समभरद् वीर्यं करवादिति. अंसौ को अस्य तद् देवः कुसिन्धे अध्या दधौ.. (५) किस देव ने मनुष्य के बाहुओं को शक्ति से भर दिया और किस ने उस में वीर्य की रचना की? पुरुष के कंधों की रचना करने वाला देव कौन है? इसे धड़ पर किस ने स्थापित किया? (५) eBook converter DEMO Watermarks*