आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)

आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
DevanagariHindipublished112 पृष्ठ
पृष्ठ 31, कुल 112 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 31
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
31
खून की उल्टियाँ हो रही हैं
फूल गोभी का कमाल
फूल गोभी की सब्जी खाएँ।
गूलर का कमाल
हरे सूखे गूलर पानी में पीस लें। अब उसमें मिश्री मिलाकर सेवन करें।
खून की कमी है
खजूर का कमाल
7-8 खजूर को आधा किलो दूध में उबालकर नित्य सेवन करें।
पालक का कमाल
पालक का एक-डेढ़ कप रस निकालकर उसमें डेढ़-दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
अन्य और सहायक उपचार
□ शक्रकंदी का सेवन करें।
खूनी बवासीर है
कमल का कमाल
कमल-केसर की चार मींगी (बीज के बीच का गूदा) में मक्खन और मिश्री मिलाकर रोगी को दें। बड़ी गुणकारी दवा है।
इन्द्रयव का कमाल
इन्द्रयव के दो बीज गर्म जल में कुछ देर तक भिगोए रखें। फिर यह जल रोगी को पिलाएँ।