आयुर्वेद का कमाल (रोगों के निदान में)
Ayurved Ka Kamaal (Rogon Ke Nidan Mein)
सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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खून की उल्टियाँ हो रही हैं
फूल गोभी का कमाल
फूल गोभी की सब्जी खाएँ।
गूलर का कमाल
हरे सूखे गूलर पानी में पीस लें। अब उसमें मिश्री मिलाकर सेवन करें।
खून की कमी है
खजूर का कमाल
7-8 खजूर को आधा किलो दूध में उबालकर नित्य सेवन करें।
पालक का कमाल
पालक का एक-डेढ़ कप रस निकालकर उसमें डेढ़-दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
अन्य और सहायक उपचार
□ शक्रकंदी का सेवन करें।
खूनी बवासीर है
कमल का कमाल
कमल-केसर की चार मींगी (बीज के बीच का गूदा) में मक्खन और मिश्री मिलाकर रोगी को दें। बड़ी गुणकारी दवा है।
इन्द्रयव का कमाल
इन्द्रयव के दो बीज गर्म जल में कुछ देर तक भिगोए रखें। फिर यह जल रोगी को पिलाएँ।
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साहिब बन्दगी
केले का कमाल
केले को बीच से चीरकर जैसे उसमें नमक भरकर खाते हैं, ऐसे ही उसमें 230 ग्राम राई का चूर्ण भरें और पुनः चिरे हुए टुकड़ों को जोड़कर खाएँ।
बकायन का कमाल
बकायन के बीजों की गिरी, रीठे का छिलका, सफेद कल्या-सब 10-10 ग्राम और लोह भस्म आधी मात्रा यानी 5 ग्राम लेकर बहुत ही बारीक चूर्ण बना लें। ग्राम-भर यह चूर्ण मक्खन के साथ दिन में दो बार सेवन करना बड़ा ही लाभकारी है।
कुटज का कमाल
कुटज-चूर्ण, मंडूर, शंखोदर वटी, नागकेसर-सबको 500-500 मि. ग्रा. की मात्रा में ले कूट-पीसकर आपस में अच्छी तरह से मिला लें। यह दवा मक्खन के साथ सेवन करना बहुत ही लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
- □ इमली के पतों के रस का सेवन करें।
- □ धनिया के रस में मिश्री मिलाकर सेवन करें।
गंज हो गयी है
गोखरू का कमाल
गोखरू के फूलों में उतना ही घी मिलाकर सिर पर लेप करें।
कटेरी का कमाल
कटेरी का रस निकालकर उसमें शहद मिलाएँ और सिर पर लगाएँ। बड़ा लाभकारी है।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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उड़ड़ की दाल का कमाल
उड़ड़ की दाल को पानी में डालकर उबालें और फिर उतारकर पीस लें। सोने से पहले इसका लेप गंज वाली जगह करें और सो जाएँ। ऐसा हररोज करें। बड़ा लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ प्याज का रस गंज वाली जगह रोज़ मलें।
- ❑ महर्भुंगराज तेल की नित्य नहाने से पौन घण्टा पहले मालिश करें। यह आगे चलकर बड़ा लाभकारी सिद्ध होगा।
गण्डमाला( कंठमाला ) है
कुटकी का कमाल
एक घिया तोरी लें और उसमें कुटकी को पीसकर शाम के समय भर दें। सुबह उसे पीसकर रस निकाल लें और रोगी को पिलाएँ। 8-10 दिन तक पिलाने से ही लाभ मिलेगा।
गठिया है
हल्दी का कमाल
दारु हल्दी के लडू खाएँ।
नीम का कमाल
नीम के तेल की मालिश करें।
कपूर का कमाल
सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ कोयले पर 3 आलू रोज़ सेंककर उसका छिलका उतारकर
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साहिब बन्दी
नमक, मिर्च डालकर खाएँ।
110 ग्राम पानी में 12 ग्राम सौंठ डालकर उबालें। फिर उतारकर ठंडा करके उस पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।
गर्भ के समय रक्तस्त्राव
सिंधाड़े का कमाल
सिंधाड़े का हलवा बनाकर दूध के साथ लें।
गर्भ के समय उल्टियाँ
सौंफ का कमाल
सौंफ का अर्क निकालकर पानी के साथ पिलाएँ।
नींबू का कमाल
पाँच नींबू लेकर उनका रस निकाल लें। अब इसमें 45 ग्राम सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। फिर इसमें 120 ग्राम जीरा डालें। जब नींबू का रस सूख जाए तो जीरा निकालकर रख लें। सुबह-शाम पौन चम्मच जीरा चबा-चबाकर खाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
संतरे और अनार का जूस पिलाएँ।
गर्भ गिरने की आशंका है
मुलहठी का कमाल
मुलहठी और लोध-दोनों 5-5 ग्राम ले पीसकर गाय के दूध में डालकर सेवन करें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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अन्य और सहायक उपचार
❑ पेठे का सेवन करें।
गलगण्ड ( घेघा ) है
नीम का कमाल
नीम की छाल, गिलोय, पीपल ( दोनों ), छड़, देवदार, खरैटी, कपास की छाल-सबको पानी में डालकर काढ़ा बना लें। फिर इस काढ़े को तेल में डालकर पकाएँ। गलगण्ड के रोगी को यह तेल दो हफ्ते पिलाएँ।
गाजर का कमाल
एक गिलास गाजर का रस रोज पीना बहुत लाभकारी रहता है।
गले में दर्द है
तुलसी का कमाल
तुलसी के रस में शहद मिलाकर चाटें।
अजवायन का कमाल
12 ग्राम अजवायन को 550 ग्राम पानी में उबालें। जब काढ़ा तैयार हो जाए तो उतार लें। अब उसमें थोड़ा-सा नमक डालकर गराये करें। यह काम आप सुबह खाने से पहले और रात को सोने से पहले-दोनों समय करें तो अच्छा है।
धनिया का कमाल
ढाई चम्मच सूखा धनिया ( साबुत ) मिश्री के साथ चबा-चबाकर खाएँ। यह दवा ढाई घण्टे के ही अन्तराल में दोहराते रहें।
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साहिब बन्दगी
गले में सूजन है
जौ का कमाल
थोड़े जौ कूट कर जल में भिगो दें। कुछ देर बाद जब जौ नीचे बैठ जाएँ तो पानी को गर्म करके उससे कुस्ते करें।
गुदें में दर्द है
अंगूर का कमाल
अंगूर के 28 ग्राम कोमल पत्ते लेकर अच्छी तरह पीस लें। फिर उसमें पानी डालकर मिलाएँ और छान लें। इस पानी में नमक मिलाकर पीना बड़ा लाभकारी है।
लौकी का कमाल
लौकी को काट कर गर्म कर लें। फिर इसका रस निकालकर उससे धीरे-धीरे मलें। फिर लौकी को पीसकर उस स्थान पर लेप करके कुछ देर तक रहने दें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ कद्दू के गुदे को बारीक पीस लें। अब उसे गर्म करके दर्द वाली जगह लेप करें।
- ❑ अरण्ड की गिरी को पीसकर दर्द वाली जगह लेप करें।
ग्रहणी रोग है
सौंफ का कमाल
70 ग्राम सौंफ को भूनकर चूर्ण बना लें। अब इसमें 7 ग्राम पिसा हुआ काला नमक डालें। थोड़ा-सा यह चूर्ण पानी के साथ दें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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बेल का कमाल
बेलगिरी को सुखाने के बाद कूट-पीसकर चूर्ण कर लें। यह दवा दिन में दो बार जल के साथ लें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ ढाई ग्राम पिप्पल्यादि चूर्ण सुबह-शाम छाछ के साथ सेवन करें।
- ❑ ढाई ग्राम हिंगवाष्टक चूर्ण मक्खन के साथ सेवन करें।
घाव में कीड़े हो गये हैं
नीम का कमाल
नीम की छाल और हींग की छाल को पीसकर लेप बना लें। यह लेप बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है।
करौंदे का कमाल
करौंदे की जड़ को पानी के सहयोग से पीसकर तेल में डाल दें और आग पर रखें। जब पक जाए तो उतारकर कुछ ठंडा करके घाव वाली जगह लेप कर दें। बहुत ही लाभकारी औषधी है।
लहसुन का कमाल
लहसुन को पीसकर घाव वाली जगह पर लगाएँ।
घाव हो गया है
कंधी का कमाल
कंधी के पत्तों को गर्म करके घाव वाली जगह बाँधें।
तुलसी का कमाल
तुलसी के बीजों को पीसकर घाव वाली जगह लेप करके पट्टी बाँध दें।
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साहिब बन्दगी
सहजन का कमाल
सहजन की पत्तियों को पीसकर घाव वाले स्थान पर लगाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
❑ अंगूर का सेवन नित्य करें।
घुटनों में दर्द है
अखरोट का कमाल
4-5 अखरोट की गिरियों को सुबह खाली पेट खाएँ। बहुत ही लाभकारी है।
शहद का कमाल
नील के पत्तों को पानी में डालकर उबालें। इस पानी से घाव को धोकर साफ़ कर लें। अब सरसों का तेल और शहद मिलाकर उसका फ़ाहा बना लें और घाव वाली जगह रखें।
मेथीदाने का कमाल
मेथीदाने को अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण कर लें। ढेड़ चम्मच यह चूर्ण पानी के साथ नित्य लिया करें।
चेहरे पर कील-मुँहासे हैं
नारियल का कमाल
सुबह-शाम मुँह पर नारियल का पानी लगाएँ।
काली मिर्च का कमाल
21 काली मिर्च लेकर गुलाब जल के साथ पीस लें। लेप तैयार हो जायेगा। यह लेप रात के समय मुँह पर लगा लें। सुबह उठकर गर्म पानी से चेहरा धो लें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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नीम का कमाल
नीम के बीजों को सिरके में पीसकर लेप करें।
ज्वार का कमाल
ज्वार के कच्चे दानों को पीस लें। अब उसमें थोड़ा चूना मिलाकर चेहरे पर लेप करें।
हरे पोदीने का कमाल
हरे पोदीने को पीसकर चटनी बना लें। इस चटनी को रात के समय मुँहासों वाली जगह लेप कर दें। सुबह शीतल जल से चेहरा धो लें। बड़ा लाभकारी प्रयोग है।
अजवायन का कमाल
27 ग्राम अजवायन को अच्छी तरह से पीस लें। अब इसे 22 ग्राम दही में मिलाकर पीसें और चेहरे पर जहाँ मुँहासे हैं, लगाएँ। यह काम आप रात को करें और सुबह होने पर गर्म पानी से चेहरे को धो लें। यह बड़ी लाभकारी दवा है।
नींबू का कमाल
चंदन को नींबू के रस में घिसकर लगाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ जायफल को दूध में घिसकर उसका लेप चेहरे पर करें।
- ❑ नारंगी के छिलकों को सुखाकर पीस लें। यह लेप चेहरे पर मलें।
- ❑ देसी घी रात को सोते समय चेहरे पर मलें।
- ❑ ककड़ी के रस का सेवन नित्य करें। यह कुछ दिन तक रोज़ पौन गिलास पिएँ।
- ❑ दूध की मलाई पर नींबू निचोड़कर मलें।
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साहिब बन्दगी
छाती में दर्द है
अमलतास का कमाल
अमलतास की कलियों को हल्का-सा गर्म करके उसके अंदर का गूदा निकाल लें। अब इसे बादाम रोगन के साथ मिलाकर रोगी को दें।
अन्य और सहायक उपचार
□ गाजरों को पानी में डालकर आग पर रखें। अब उतारकर गाजरों का रस निकालें। फिर उस रस में एक या दो चम्मच शहद डालकर रोगी को पिलाएँ। बहुत लाभकारी है।
जलोधर रोग है
चने का कमाल
30 ग्राम चने पानी में उबालकर छान लें। सहने योग्य गर्म रहने पर पी लें। 3-4 हफ्ते तक इसका सेवन करें।
जुकाम है
हल्दी का कमाल
सर्दी के जुकाम में आधा गिलास गर्म दूध में हल्दी का एक चम्मच डालकर पीना लाभकारी रहता है।
नींबू का कमाल
गर्म पानी में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर रात के समय लें।
अदरक का कमाल
अदरक का रस गर्म कर लें। अब इसमें शहद मिलाकर चाटें।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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यह बहुत ही लाभकारी है।
सुहागे का कमाल
सुहागा लेकर उसे अच्छी तरह से कूट-पीसकर तवे पर भून लें। जब सुहागा पिघलने के बाद धीरे-धीरे फूल जाए तो उतारकर अच्छी तरह से पीस लें। अब इसे किसी शीशी में सुरक्षित रख लें। 400 मि. ग्रा. की मात्रा दिन में 3-4 बार लें।
काली मिर्च का कमाल
- ❑ 10 काली मिर्च, 10 मुनक्के के दाने और 5 बादाम की गिरी-सबको सुबह पानी में भिगो दें। रात को सबको छीलकर अच्छी तरह से कूट-पीसकर 22 ग्राम मक्खन में मिलाकर खाएँ।
- ❑ 8 काली मिर्च और इतने ही बताशे लेकर एक गिलास पानी में डालकर उबालें। जब पानी तीसरा-चौथा हिस्सा रह जाए तो उतारकर थोड़ा गुनगुना सहने योग्य होने पर ली लें। इसके बाद बाहर न जाएँ, हो सके तो कम्बल लेकर कुछ देर बैठे या लेटे रहें। यह दवा आप दिन में दो-तीन बार ले सकते हैं। पर रात को सोते समय जरूर लें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ एक चम्मच शहद में राई मिलाकर सूँघें।
- ❑ अडूसे के पत्तों का रस निकालकर पिएँ।
- ❑ अजवायन को तवे पर भून लें और फिर इसे किसी कपड़े में डालकर सूँघें।
- ❑ काली मिर्च, हल्दी और सेंधा नमक-तीनों 4-4 ग्राम लेकर पीस लें। अब पौन गिसाल पानी में डालकर उबालें। जब जब पानी आधा शेष रहे तो सहने योग्य हो जाने पर पी लें। यह बहुत ही लाभकारी प्रयोग है।
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साहिब बन्दगी
- ❑ भुने हुए चने रूमाल में डालकर सूँघें।
- ❑ कोयलों को जलाकर उसपर शक्कर डालकर सूँघें और धुएँ को नाक से अंदर खींचें।
- ❑ मत्स्यासन करें।
जोड़ों में दर्द है
शूहर का कमाल
शूहर को बीच से तोड़कर दर्द वाली जगह लगाकर ऊपर से पट्टी बाँध दें। जैसे रोज पट्टी बदलते हैं, ऐसे ही इसे भी 24 घण्टे बंधे रहने के बाद बदलें।
हल्दी का कमाल
दारु हल्दी को भूनकर उसमें मिश्री और सोंठ मिलाकर सेवन करें।
नींबू का कमाल
नींबू का रस निकालकर दर्द वाले स्थान पर बार-बार मलें।
अजवायन का कमाल
अजवायन को पीसकर उसमें तिखी का तेल मिलाकर मालिश करनी चाहिए। बहुत लाभकारी है।
राई का कमाल
राई के तेल की मालिश करें।
आक का कमाल
अनाज के दाने आक के दूध में डाल दें। जब अच्छी तरह भीग जाएँ तो उन्हें सुखा लें। ये दाने रोगी को खिलाएँ।
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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अन्य और सहायक उपचार
- ❑ चुकंदर का सेवन करें।
- ❑ तरबूज का रस पीएँ।
- ❑ सहजन की सब्जी खाएँ।
- ❑ पद्मासन एवं धनुरासन करें।
छाँड़ियों आदि से चेहरा खराब है
बेर का कमाल
बेर की गुठली की गिरी और गुड़ को अच्छी तरह पीस लें। अब इनमें शहद और मक्खन मिलाकर चेहरे पर लेप करें।
चमेली का कमाल
चमेली के पत्ते, वट के पीले पत्ते, अगरू, लाल चन्दन, लोध और कूठ-सबको समान मात्रा में लेकर पीस लें। इसका लेप चेहरे पर करें।
नींबू का कमाल
नींबू की जड़ की छाल, मैनशिल, बिजौरा और घी सबको समान मात्रा में लेकर पीस लें। इसका लेप करना बड़ा ही लाभकारी सिद्ध होता है।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ लोध, जौ का आटा (भूसी रहित) को पीसकर लेप करना बड़ा लाभकारी है।
- ❑ मसूर को अच्छी तरह दूध में पीस लें। अब इसमें घी मिलाकर लेप चेहरे पर लेप करें।
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साहिब बन्दगी
टॉन्सिल है
बायविडंग का कमाल
बायविडंग, हल्दी और सेंधा नमक-तीनों 7-7 ग्राम की मात्रा में लेकर 600 ग्राम पानी में डालकर उबालें। अब किसी साफ कपड़े से छान लें। इस पानी से सुबह-शाम दोनों समय गरारे करें।
अन्य और सहायक उपचार
- □ पानी को गर्म करके उसमें आधा चम्मच नमक डालकर गरारे करें।
- □ सिंह मुद्रासन, मत्स्यासन करें।
टी. बी. है
लहसुन का कमाल
लहसुन की 12 कलियाँ एक गिलास दूध में उबालें। अब उन कलियों को निकालकर चबा-चबाकर खाएँ और फिर दूध पी लें।
केले का कमाल
केले के मोटे तने का टुकड़ा ले आएँ और उसका रस निकाल लें। अब उसे छानकर एक गिलास रस ढाई घण्टे के अन्तराल में रोगी को देते रहें। रस ताजा ही हो। यह बहुत ही लाभकारी है।
खजूर का कमाल
7-8 खजूर को आधा किलो दूध में उबाल लें। यह दवा अत्यन्त हितकारी है।
प्याज का कमाल
150 ग्राम प्याज चबाकर खाएँ। दिन में कम-से-कम 3 बार यह
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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प्रयोग करें।
अन्य सहायक उपचार
- ❑ शहद को मक्खन के साथ मिलाकर लेने से टी. बी. दूर होती है। यह प्रयोग दिन में दो बार जरूर करें।
- ❑ पेठे का सेवन करें।
- ❑ शक्कर, किशमिश और पीपल-तीनों बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। दवा तैयार है। सुबह-शाम यह दवा चम्मच-भर खाएँ।
- ❑ फूलगोभी को उबालकर उसका रस नित्य लें।
- ❑ रोज थोड़ा नारियल खाया करें।
- ❑ एक गिलास पानी में 50 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें।
दमा ( श्वास रोग ) है
अगस्त का कमाल
100 ग्राम सनाय के पत्ते, 12 ग्राम आँवले-दोनों को पानी के साथ पीसकर छोटी-छोटी गोलियाँ बना लें। यह गोली दम के रोगी के लिए बड़ी लाभकारी है।
सुहागे का कमाल
सुहागे को कूट-पीसकर तवे पर रखें। जब पिघलकर सूख जाए तो धीरे-धीरे फूलने लगेगा। तब उतारकर रख लें। अब यह फूला हुआ सुहागा और मुलहटी-दोनों को कूटकर चूर्ण कर लें। अब किसी कपड़े से छानकर शीशे में रख लें। 800 मि. ग्रा. यह दवा दिन में दो बार शहद के साथ चाटना बहुत लाभकारी सिद्ध होगा।
अदरक का कमाल
अदरक का रस, नींबू का रस और शहद-तीनों को मिलाकर
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साहिब बन्दशी
पीना बड़ा लाभकारी रहता है।
अन्धाहुली का कमाल
अन्धाहुली की जड़, जीरा, सोंठ, काली मिर्च-सबको पीसकर मिला लें। पाँच हफ्ते इसका सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
अडूसे का कमाल
अडूसे की छाल का रस, मुनक्के का काढ़ा, कटेली की रस, मिश्री और चिचिड़ी का रस-सब 510-510 ग्राम लेकर अच्छी तरह गर्म कर लें। गाढ़ा होने पर उतार लें। अब इसमें भारंगी, मुलहठी, पीपल, सुहागा, वंशलोचन और आँवला-सब 32-32 ग्राम लेकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण भी उस काढ़े में मिला लें। जब काढ़ा कुछ ठंडा हो जाए तो उसमें 500 ग्राम शहद मिला लें। यह दवा दिन में दो बार 10 ग्राम की मात्रा में रोगी को दें।
अन्य और सहायक उपचार
- ❑ अंगूर का सेवन करें।
- ❑ दो चम्मच ईसबगोल दिन में दो बार रोजाना लम्बे समय तक गर्म पानी के साथ सेवन करें। यह तो बहुत ही लाभकारी प्रयोग है।
- ❑ अंजीर का सेवन करें।
- ❑ करेले की सब्जी खाएँ।
- ❑ खजूर का सेवन करें।
सावधानी बरतें
- ❑ नारियल, तरबूज का सेवन मत करें।
दस्त हैं
जामुन का कमाल
जामुन की तीस पत्तियाँ पीसकर उसमें स्वादानुसार थोड़ा-सा
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संधा नमक मिलाकर गोली बनाकर चूसें। दिन में दो बार इस गोली का सेवन करें।
चन्दन का कमाल
लाल चन्दन, खस, चिरायता, गिलोय, सोंठ, धनिया, बेलगिरी, कुड़ा की छाल, अतीस, नागरमोथा, पाघाख, नेत्रबाला—सबको पीसकर काढ़ा बना लें। यह काढ़ा बहुत लाभकारी है।
आम का कमाल
आम की गुठली की गिरी को दही के पानी के साथ अच्छी तरह से पीस लें। इसका लेप नाभि स्थान पर करें।
बेल का कमाल
बेल फल की गिरी और आम की गुठली को पीसकर काढ़ा बनाएँ। 22 ग्राम यह काढ़ा पीना लाभकारी है।
अन्य और सहायक उपचार
❑ मीठे अनार को मिट्टी का लेप करके भूनें। अब उसका रस निकालकर एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें। बहुत लाभकारी है।
❑ डेढ़ चम्मच ईसबगोल को दही में मिलाकर खाएँ। यह बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है।
❑ कच्चे केले को उबालकर उसकी रोटी बनाकर खाएँ।
❑ अमरूद की ताजी पत्तियों को उबालकर वो पानी छान लें। यह पानी बड़ा लाभकारी है।
❑ कच्चे पपीते को उबालकर खाना बहुत ही लाभकारी है।
❑ शहद में अतीस का चूर्ण मिलाकर चाटें।
❑ ढाई चम्मच खसखस के दानों को पानी के साथ पीस लें। फिर उन्हें थोड़े दही में डालकर रोगी को दें। सुबह-शाम यह दवा
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साहिब बन्दशी
रोगी को दें या फिर 5 घण्टे का अंतर रख लें।
दस्त में खून आ रहा है
बेल का कमाल
12 ग्राम बेलगिरी, 22 ग्राम मिश्री और 13 ग्राम सूखा धनिया लेकर सबको अच्छी तरह से पीस लें। 6 ग्राम यह चूर्ण 2-3 बार दिन में सेवन करें।
दाद है
अमलतास का कमाल
अमलतास की हरि पत्तियों को दाद वाले स्थान पर मलें।
तुलसी का कमाल
तुसली के पत्ते दाद वाली जगह मलें।
आक का कमाल
आक का दूध निकालकर दाद वाली जगह मला करें।
अंजीर का कमाल
किसी चीज़ से दाद को खुजलाई और फिर उसपर अंजीर का दूध लगाएँ। बड़ा लाभकारी प्रयोग है।
सिंघाड़े का कमाल
सिंघाड़े की बेल को पीसकर दाद वाली जगह लगाएँ।
नींबू का कमाल
नींबू के रस में नौसादर पीसकर लगाएँ।
नीम का कमाल
□ नीम, देवदार, बायविडंग, खादर और कनेर की छाल को पीसकर
आयुर्वेद का कमाल रोगों के निदान में
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लेप करें।
▣ नीम की पत्तियों को दही के साथ पीस लें और फिर उसे दाद वाले स्थान पर लगाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
▣ जमीकन्द की सब्जी खाना लाभकारी है।
दाँत निकल रहे हैं ( बच्चों के )
अंगूर का कमाल
ढाई चम्मच अंगूर के रस में थोड़ा-सा शहद मिलाकर बच्चे को दें।
दाँत में कीड़े हैं
मूसाकर्णी का कमाल
मूसाकर्णी के रस में शहद मिलाकर कुले करें।
कपूर का कमाल
थोड़ी-सी कपूर को आँवले के रस में मिलाकर दाँत पर लगाएँ।
अन्य और सहायक उपचार
▣ दालचीनी के तेल में रूई भिगोकर दाँत के नीचे या ऊपर रखकर दबाएँ।
दाँतों में पीड़ा है
कटेरी का कमाल
कटेरी के फल-फूल-दोनों को पीसकर उनका रस (निचोड़कर) निकाल लें। इस पानी से कुले करना दाँतों के दर्द में बड़ा ही लाभकारी है।
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साहिब बन्दगी
अकरकरा का कमाल
अकरकरा की जड़ को पीसकर दर्द वाली जगह मलें।
हल्दी का कमाल
दारु हल्दी को भूनकर जिस दाँत में दर्द है, उसके नीचे या ऊपर रखकर कुछ देर दबाए रखें।
विजयसार का कमाल
विजयसार के पत्तों को सुखाने के बाद अच्छी तरह पीस लें। अब इसके चूर्ण को सरसों के तेल में मिलाकर दाँतों में लगाएँ।
कपूर का कमाल
दर्द वाले दाँत के बीच कपूर रखकर दबाए रखें।
अन्य और सहायक उपचार
❑ 6-7 लौंग लेकर पीस लें। फिर उसमें नींबू का रस मिलाएँ और दाँतों पर दर्द वाले स्थान पर मलें।
❑ जरा-सी हींग को पीसकर उसमें पिंसी हुई हल्दी मिलाकर जरा-से पानी की सहायता से गोली बना लें और उसे दर्द वाले दाँत के बीच रखकर दबाए रखें।
❑ अमरूद के पत्ते चबाएँ।
❑ दिन में दो बार स्वच्छ मिट्टी से मंजन करें।
दिमागी नुक्स है
मंडूकपर्णी का कमाल
मंडूकपर्णी के रस में शहद और कूट मिलाकर रोगी को नित्य दें।