बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
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ऽथाह प्रतिप्रस्थातरृतुपात्रे एतच्च Wait,मार्जयन्ते॑ ऽथाह: svara on ते॑. Wait, सान्स॑र्वभक्षा: svara on न्सं? It's on सान्स॑.
L9: शुक्रपात्रं मार्जालीये मार्जयित्वा पात्रेष्वपिसृजेति॑ स तथा
L10: करोत्य॑थ प्राङायन्नाह ॥ १७ ॥ १०
L11: मैत्रावरुणस्य चमसमनून्नयध्वमुन्नेतः सोमं प्रभावयेति॑
L12: मैत्रावरुणचमसमेव प्रथममुन्नयन्ति॑ यथोपपादमितरान्स॑मुन्नी-
Wait, svara on रान्स॑: यथोपपादमितरान्स॑मुन्नी-.
L13: योत्तरवेद्याꣳ सादयन्त्य॑थादत्त उक्थ्यस्थाल्या औपभृतं
L14: पात्रं॑ तस्मिन्नेतस्य राज्ञस्तृतीयवेलां गृह्णाति य उक्थ्यस्थाल्यां
L15: भवत्युपयामगृहीतो ऽसि देवेभ्यस्त्वा देवायुवमुक्थ्येभ्य उक्थायुषं२ १५