भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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with short ि... wait, does it have ि? Yes, the curve goes to the left over त! It is जुह्वति॑! Wait, look at the gap between जुह्वति॑ and प्रदक्षिणमावृत्य: Yes, सर्वाꣳश्चमसाञ्जुह्वति॑ प्रदक्षिणमावृत्य ब्राह्मणाच्छꣳसिनश्चमसे!

Line 8: ग्रहस्य सꣳस्रावमवनयति हुतं त्वा हुते ऽवनयाम्यूर्जस्वन्तं देवेभ्यो Wait, look at ऽवनयाम्यूर्जस्वन्तं: Wait, is there an avagraha? हुतं त्वा हुते ऽवनयाम्यूर्जस्वन्तं - yes, is clearly visible!

Line 9: मधुमन्तं मनुष्येभ्य इति वा तूष्णीं वो॑द्वैवैतत्याचमचुपनिधाय Wait, let's examine: वो॑द्वैवैतत्याचमचुपनिधाय: Wait! What does Caland have here? "मधुमन्तं मनुष्येभ