बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)
Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary
आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा
DevanagariHindipublished774 पृष्ठ
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प्र ति गौ र्य -> wait, is that प्रतिगोर्य or प्रतिगौर्य?
Look at line 11: प्रतिगोर्य vs line 20: प्रतिगौर्य!
Line 11: प्रतिगोर्य (one matra on top of गौ? No, wait, look at line 11: ग with ो or ौ? It has one slant ो, so प्रतिगोर्य).
Line 20: प्रतिगौर्य (two slants ौ, so प्रतिगौर्य).
Wait, let's look closer at line 11: प्रतिगोर्य - yes, only one stroke on गो.
Then: प्राङेत्योद्यच्छत एतं ग्रहमन्वूद्यच्छन्ते चमसाने-
Wait, अन्वूद्यच्छन्ते or अन्वोद्यच्छन्ते?
It has न्वृ or न्वू?
Look at न्वूद्यच्छन्ते: न्वू with long ū (ू)!
* Line 12:
`थाश्रावयत्यो श्रावयास्तु श्रौषडुक्थशा यज सोमानामिति '`
Wait, `थाश्रावयत्यो श्रावयास्तु श्रौषडुक्थशा यज