भारतकोश
बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

बौधायन श्रौतसूत्रम् (कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा - सम्पूर्ण प्रश्न एवं श्रौत-याग कल्प सटीक)

Baudhayana Shrautasutra of Taittiriya Samhita with Commentary

आचार्य बौधायन (सम्पादक: डब्ल्यू. कालन्द) द्वारा

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: प्र ति गौ र्य -> wait, is that प्रतिगोर्य or प्रतिगौर्य? Look at line 11: प्रतिगोर्य vs line 20: प्रतिगौर्य! Line 11: प्रतिगोर्य (one matra on top of गौ? No, wait, look at line 11: with or ? It has one slant , so प्रतिगोर्य). Line 20: प्रतिगौर्य (two slants , so प्रतिगौर्य). Wait, let's look closer at line 11: प्रतिगोर्य - yes, only one stroke on गो. Then: प्राङेत्योद्यच्छत एतं ग्रहमन्वूद्यच्छन्ते चमसाने- Wait, अन्वूद्यच्छन्ते or अन्वोद्यच्छन्ते? It has न्वृ or न्वू? Look at न्वूद्यच्छन्ते: न्वू with long ū ()!

*   Line 12:
    `थाश्रावयत्यो श्रावयास्तु श्रौषडुक्थशा यज सोमानामिति '`
    Wait, `थाश्रावयत्यो श्रावयास्तु श्रौषडुक्थशा यज