भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)
Bhaishajya Ratnavali Hindi
कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा
स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ
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विषयानुक्रमणिका । ( ७ )
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| जातीफलरस | ... २५४ | बृहद्ग्रहणीवज्रकपाट | ... २९० |
| अभयनृसिंहरस, आनन्दभैरवरस... | २५५ | संग्रहग्रहणीकपाटरस | ... २९१ |
| कर्पूररस, बब्बूलारिष्ट, कुटजारिष्ट | २५६ | ग्रहणीगजेन्द्रवटिका | ... २९२ |
| अहिफेनासव | ... २५७ | जातीफलाद्यवटिका | ... २९३ |
| अतीसारमें वर्जनीय, अतीसारमें पथ्य | ... २५८ | बृहज्जातीफलाद्यवटिका | ... " |
| अतीसारमें अपथ्य | ... २५९ | वडवामुख रस | ... २९४ |
| ग्रहणीरोगकी चिकित्सा । | ग्रहणीशार्दूलरस | ... २९५ | |
| नागराद्यचूर्ण, पाठाद्यचूर्ण | ... २६१ | महागन्धक और सर्वाङ्गतुन्दररस | ... २९६ |
| कपित्थाष्टकचूर्ण, स्वल्प-गङ्गाधर-चूर्ण | ... २६२ | वैद्यनाथवटी | ... २९७ |
| मध्यम-गङ्गाधरचूर्ण, बृहद्गङ्गाधर-चूर्ण | ... २६३ | खसर्पणवटी | ... २९८ |
| वृद्धगङ्गाधरचूर्ण | ... २६४ | रसाभ्रवटी, महाअभ्रवटी | ... २९९ |
| स्वल्पलवङ्गाद्यचूर्ण, बृहल्लवङ्गाद्यचूर्ण | २६५ | पीयूषवल्लीरस | ... ३०१ |
| महालवंगाद्यचूर्ण | ... २६७ | पानीयभक्तवटी | ... ३०२ |
| स्वल्पनायिकाचूर्ण, मध्य मनायिकाचूर्ण | २६८ | श्रीनृपतिवल्लभरस | ... ३०४ |
| बृहन्नायिकाचूर्ण | ... २६९ | बृहन्नृपवल्लभ | ... ३०५ |
| ग्रहणीशार्दूलचूर्ण | ... २७० | महाराजनृपतिवल्लभ | ... ३०६ |
| जातीफलाद्यचूर्ण, जीरकाद्यचूर्ण | ... २७१ | महाराजनृपवल्लभ | ... ३०७ |
| मार्कण्डेयचूर्ण | ... २७२ | रसपर्पटी | ३०८ |
| कम्बोटावलेह, दशमुलगुड | ... २७३ | लौहपर्पटी | ... ३१५ |
| कल्याणगुड | ... २७४ | स्वर्णपर्पटी | ... ३१६ |
| कूष्माण्डगुडकल्याण | ... २७५ | पञ्चामृतपर्पटी | ... ३१७ |
| कामेश्वग्मादक | ... २७७ | विजयपर्पटी | ... ३१८ |
| मदनमोदक | ... २७८ | दूसरी विजयपर्पटी | ... ३२१ |
| मेथीमोदक | ... २७९ | हिरण्यगर्भपोट्टली रस | ... ३२२ |
| बृहन्मेथीमोदक | ... २८० | स्वल्पचुक्र, बृहच्चुक्र | ... ३२३ |
| मुस्तकादिमोदक | ... २८१ | आयामकाञ्जिक | .... ३२४ |
| जीरकादिमोदक | ... २८२ | अष्टपलघृत | ... ३२५ |
| बृहज्जीरकादिमोदक | ... २८३ | बिल्वांदिघृत, बिल्वगर्भघृत | ... ३२६ |
| अग्निकुमारमोदक | ... २८५ | शुण्ठीघृत, नागरघृत, चित्रक घृत | .. " |
| हंसपोट्टली, ग्रहणीकपर्द्दपोट्टली | ... २८६ | चाङ्गेरीघृत, मरिचाद्यघृत | ... ३२७ |
| अग्निकुमाररस | ... २८७ | महाषट्पलकघृत, विल्वतैल | ... ३२८ |
| स्वल्पग्रहणीकपाटरस १-५ | ... " | ग्रहणीमिहिरतैल | ... ३३० |
| ग्रहणीवज्रकपाटरस | ... २९० | बृहद्ग्रहणीमिहिरतैल | ... ३३१ |