भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)
Bhaishajya Ratnavali Hindi
कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल) द्वारा
स्रोत: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,416 पृष्ठ
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( ८ ) भैषज्यरत्नावली-
| विषय. | पृष्ठ. | विषय. | पृष्ठ. |
|---|---|---|---|
| तक्रारिष्ट, पिप्पल्याद्यासव | ... ३३२ | अर्शोरोगमें पथ्य, अर्शोरोगमें अपथ्य | ३६७ |
| अर्शोरोगचिकित्सा | ३३३ | अग्निमान्द्यचिकित्सा। | |
| रक्तार्शाश्चिकित्सा | ३३३ | तीक्ष्णाग्निकित्सा | ३६९ |
| लवणोत्तमादि चूर्ण, समशर्कर चूर्ण | ... ३३९ | आमाजीर्णचिकित्सा | ३७० |
| व्योषादिचूर्ण | ... ” | चित्रकगुटिका | ... ” |
| विजयचूर्ण, शूरणपिण्डी | ... ३४० | विदग्धाजीर्णचिकित्सा | ३७१ |
| भल्लातकादिमोदक, नागरादिमोदक | ... ३४१ | विष्टब्धरसशेषाजीर्णचिकित्सा | ” |
| स्वल्पशूरणमोदक | ... ” | पथ्यादिक | ... ३७२ |
| बृहच्छूरणमोदक | ... ३४२ | विशिष्टद्रव्याजीर्णकी विधि | ... ” |
| श्रौड्डायनमोदक, माणिभद्रमोदक | ३४३ | विषूचिकाकी चिकित्सा | ३७४ |
| प्राणदा गुटिका | ... ३४४ | अलसकचिकित्सा | ३७५ |
| नागार्जुनयोग | ... ३४५ | उदगकी पीडाकी चिकित्सा | ” |
| कुटजलेह | ... ३४७ | सैन्धवाद्यचूर्ण १-२ | ... ३७६ |
| कुटजरसक्रिया | ... ३४८ | हिंग्वष्टकचूर्ण, वडवामुखचूर्ण | ... ३७७ |
| दशमूल-गुड, बाहुशाल गुड | ... ३४९ | स्वल्पाग्निमुखचूर्ण | ... ” |
| गुडभल्लातक | ... ३५१ | बृहदग्निमुखचूर्ण | ... ३७८ |
| अन्य-गुडभल्लातक, माणशूरणादिलोह | ... ३५२ | अग्निमुखलवण | ... ३७९ |
| अग्निमुखलोह | ... ३५३ | भास्करलवण | ... ३८० |
| चन्द्रप्रभावटिका | ... ३५४ | श्रीरामबाणरस, अग्नितुण्डीरस | ... ३८२ |
| रसगुटिका, तीक्ष्णमुखरस | ... ३५६ | अमृतकल्पवटी, अमृतवटी | ... ३८२ |
| अर्शकुठाररस, चक्राख्यरस | ... ३५७ | सुधासागर रस | ... ” |
| कञ्चुकुठाररस | ... ” | लवङ्गाद्यवटी, बृहल्लवङ्गादिवटी | ... ३८३ |
| चक्रेश्वररस, शिलागन्धकवटी | ... ३५८ | अजीर्णकण्टकरस, महोदधिवटी | ३८४ |
| जातीफलादिवटी, पञ्चाननवटी | ... ३५९ | बृहन्महोदधिवटी | ... ” |
| नित्यंदित रस, अष्टाङ्गरस | ... ३६० | अग्निकुमाररस, बृहदग्निकुमाररस | ३८५ |
| उदकषट्पलकघृत | ... ” | हुताशनरस, बृहद्रुताशन रस | ... ३८६ |
| व्योषाद्यघृत, चव्याद्यघृत | ... ३६१ | जातीफलादिवटी, भास्कररस | ... ३८७ |
| कुटजाद्यघृत, सिद्धामृतघृत | ... ” | अग्निसन्दीपन रस | ... ३८८ |
| सुनिषण्णक-चांगेरीघृत | ... ३६२ | त्रिफलालोह, प्रदीपनरस, विजयरस | ... ३८९ |
| कासीसाद्यतैल, वृहत्कासीसाद्यतैल | ३६३ | अग्निरस, टङ्कणादि वटी, रस-राक्षस | ... ३९० |
| पिप्पल्याद्यतैल, दन्त्यरिष्ट | ... ३६४ | पञ्चामृतवटी, ज्वालानाल रस | ... ३९१ |
| क्षार | ... ३६५ | भक्तविपाकवटी, बृहद्भक्तपाकवटी... | ३९२ |
| क्षारपाकविधि | ... ३६६ |