भारतकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

DevanagariHindipublished1,167 पृष्ठ

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१०८८ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे कोष्ठ की ६६ मांसपेशियाँ तिस्रः पायौ, एका मेढ्रे, सेवन्यां चापरा, द्वे वृषणयोः, स्फिचोः, पञ्च पञ्च, द्वे वस्तिशिरसि, पञ्चोदरे, नाभ्यामेका, पृष्ठोर्ध्वसन्निविष्टाः पञ्च पञ्च दीर्घाः, षट् पार्श्वयोः, दश वक्षसि, अक्ष-कांसौ प्रति समन्तात् सप्त, द्वे हृदयामाशययोः, षड् यकृत्प्लीहोण्डुकेषु । गुदा में ३ पेशियाँ, लिङ्ग में १, सीवनी में १, अण्डों में २, चूतड़ के दोनों ओर की ५-५ मिलाकर १०, वस्ति के ऊपरी भाग में २, उदर में ५, नाभि में १, पृष्ठ के ऊर्ध्व भाग में लगी हुई दीर्घ पेशियाँ (प्रत्येक ओर ५-५) १०, पार्श्व में ६, वक्ष में १०, अक्षक तथा स्कन्ध के चारों ओर मिलाकर ७, हृदय तथा आमाशय में २, यकृत्, प्लीहा तथा उण्डुक [मलाशय] में ६ । कोष्ठ की कुल पेशियों का योग ६६ ग्रीवा की ३४ पेशियाँ ग्रीवायां चतस्रः, अष्टौ हन्वोः, एकैका काकलकगलयोः, द्वे तालुनि, एका जिह्वायाम्, ओष्ठयोर्द्वे, नासायां द्वे, द्वे नेत्रयोः, गण्डयोश्चतस्रः कर्णयोद्वे, चतस्रो ललाटे, एका शिरसीति पञ्च पेशीशतानि । ग्रीवा में ४, दोनों हनु में ८, काकलक (घाँटी) में १, गले के भीतर १, तालु में २, जिह्वा में १, ओठों में २, नासिका में २, नेत्रों में २, कपोल में ४, कान में २, ललाट में ४, सिर में १ । ग्रीवा की कुल पेशियों का योग=३४ शाखाओं की पेशियाँ ४०० मध्य कोष्ठ की कुल पेशियाँ ६६ ग्रीवा से ऊपर ३४ इस भाँति कुल पेशियों का योग ५०० होता है । आधुनिक शरीर-शास्त्रज्ञ पेशियों की संख्या ५१९ मानते हैं । इन ५१९ पेशियों में से प्रायः ४५० अस्थियों पर लगती हैं तथा उनके गति की प्रवर्तक होती हैं शेष ६९ स्वरयंत्र, जिह्वा, तालुं, कण्ठ, नेत्र तथा कर्ण आदि में लगी रहती हैं । प्रायः शरीर की मध्य रेखा के दोनों तरफ दायें तथा बायें समूह में पेशियाँ होती हैं । आधुनिक मत से मांसपेशियों की संख्या ऊर्ध्व शाखा की मांसपेशियाँ (५९-५९)=११८ अधः शाखा की मांसपेशियाँ (५९-५९)=११८ मध्य शरीर (धड़) मांसपेशियाँ (६७-६७)=१३४ सिर तथा ग्रीवा मांसपेशियाँ (४०-४०)=८० योग=४५०