भारतकोश
भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)

Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary

आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा

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५६६ भावप्रकाशनिघण्टुः अथ लघुदन्ती बृहद्दन्ती च (एरण्डवत्पत्रविटपा) तयोर्नामानि गुणाँश्चाह लघुदन्ती विशल्या च स्यादुदुम्बरपर्ण्यपि । तथैरण्डफला शीघ्रा श्येनघण्टा घुणप्रिया ॥१९७॥ वाराहाङ्गी च कथिता निकुम्भश्च मकूलकः । द्रवन्ती शम्बरी चित्रा प्रत्यक्पर्ण्यखुपर्ण्यपि ॥१९८॥ उपचित्रा श्रुतश्रोणी न्यग्रोधी च तथा वृषा । दन्तीद्वयं सरं पाकं रसे च कटु दीपनम् ॥१९९॥ गुदाङ्कुराश्मशूलास्रकण्डूकुष्ठविदाहनुत् । तीक्ष्णोष्णं हन्ति पित्तास्रकफशोथोदरकृमीन् ॥२००॥ छोटी दन्ती तथा बड़ी दन्ती के नाम और गुण—लघुदन्ती, विशल्या, उदुम्बरपर्णी, एरण्डफला, शीघ्रा, श्येनघण्टा, घुणप्रिया, वाराहाङ्गी, निकुम्भ और मकूलक ये सब नाम छोटी दन्ती के हैं। द्रवन्ती, शम्ब