भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१२४ 'वृष' लग्न में 'सूर्य' का फलादेश १—'वृष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'सूर्य' का स्थायी-फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या २२५ से २३६ के बीच देखना चाहिए। २—'वृष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'सूर्य' का अस्थायी-फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'सूर्य'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या २२५ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या २२६ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या २२७ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या २२८ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या २२९ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या २३० (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या २३१ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या २३२ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या २३३ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या २३४ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या २३५ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या २३६ 'वृष' लग्न में 'चन्द्रमा' का फलादेश १—'वृष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का स्थायी-फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या २३७ से २४८ के बीच देखना चाहिए। २—'वृष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या २३७ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या २३८ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या २३९ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या २४० (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या २४१ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या २४२