भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१२५ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या २४३ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या २४४ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या २४५ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या २४६ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या २४७ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या २४८ 'वृष लग्न में 'मंगल' का फलादेश १—'वृष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का स्थायी-फलादेश का उदाहरण-कुण्डली २४६ से २६० के बीच देखना चाहिए। २—'वृष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी-फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मंगल'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या २४६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या २५० (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या २५१ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या २५२ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या २५३ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या २५४ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या २५५ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या २५६ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या २५७ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या २५८ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या २५६ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या २६०, 'वृष' लग्न में 'बुध' का फलादेश १—'वृष' लग्न भावों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का स्थायी-फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या २६१ के २७२ के बीच देखना चाहिए । २—'वृष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी-फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'बुध'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या २६१