भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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१२६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या २६२ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या २६३ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या २६४ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या २६५ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या २६६ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या २६७ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या २६८ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या २६६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या २७० (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या २७१ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या २७२ 'वृष' लग्न में 'गुरु' का फलादेश १—'वृष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का स्थायी-फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या २७३ से २८४ के बीच देखना चाहिए। २—'वृष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का अस्थायी-फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'वृष'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या २७३ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या २७४ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या २७५ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या २७६ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या २७७ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या २७८ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या २७६ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या २८० (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या २८१ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या २८२ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या २८३ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या २८४ 'वृष' लग्न में 'शुक्र' का फलादेश १—'वृष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित