भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 203, कुल 638 में से

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२११ 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ४५५ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ४५६ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ४५७ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ४५८ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ४५६ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ४६० (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ४६१ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ४६२ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ४६३ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ४६४ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ४६५ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ४६६ 'कर्क' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १—'कर्क' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मङ्गल' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ४६७ से ४७८ के बीच देखना चाहिए। २—'कर्क' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मङ्गल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मङ्गल'— (क) 'मेष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४६७ (ख) 'वृष' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४६८ (ग) 'मिथुन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४६६ (घ) 'कर्क' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७० (ङ) 'सिंह' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७१ (च) 'कन्या' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७२ (छ) 'तुला' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७३ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७४ (झ) 'धनु' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७५ (ञ) 'मकर' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७६ (ट) 'कुम्भ' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७७ (ठ) 'मीन' राशि पर स्थित हो तो संख्या ४७८

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