भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
पृष्ठ 246, कुल 638 में से
संदर्भ में पढ़ें२५४ २- 'सिंह' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ५६४ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ५६५ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ५६६ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ५६७ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ५६८ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ५६९ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ५७० (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ५७१ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ५७२ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ५७३ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ५७४ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ५७५ 'सिंह' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १- 'सिंह' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ५७६ से ५८७ के बीच देखना चाहिए। २- 'सिंह' लग्नवालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मंगल'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ५७६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ५७७ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ५७८ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ५७९ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ५८० (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ५८१ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ५८२ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ५८३ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ५८४ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ५८५ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ५८६ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ५८७