भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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२५७ २. 'सिंह' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ६२४ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ६२५ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ६२६ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ६२७ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ६२८ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ६२९ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ६३० (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ६३१ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ६३२ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ६३३ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ६३४ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ६३५ 'सिंह' लग्न में 'राहु' का फलादेश १ 'सिंह' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ६३६ से ६४७ के बीच देखना चाहिए । २. 'सिंह' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'राहु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ६३६ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ६३७ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ६३८ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ६३९ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ६४० (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ६४१ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ६४२ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ६४३ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ६४४ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ६४५ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ६४६ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ६४७