भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२६६ २—'कन्या' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ७३३ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ७३४ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ७३५ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ७३६ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ७३७ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ७३८ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ७३९ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ७४० (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ७४१ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ७४२ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ७४३ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ७४४ 'कन्या' लग्न में 'राहु' का फलादेश १—'कन्या' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में 'राहु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ७४५ से ७५६ के बीच देखना चाहिए। २—'कन्या' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'राहु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ७४५ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ७४६ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ७४७ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ७४८ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ७४९ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ७५० (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ७५१ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ७५२ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ७५३ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ७५४ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ७५५ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ७५६