भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 296, कुल 638 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 296

३०५ 'कन्या' लग्न की कुण्डली में 'द्वितीयभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश कन्या लग्न : द्वितीयभाव : चन्द्र दूसरे भाव में शत्रु 'शुक्र' की राशि पर स्थित 'चन्द्रमा' के प्रभाव से जातक के धन-कुटुम्ब में वृद्धि होती है तथा धन का संचय भी होता है। सातवीं मित्र-दृष्टि से अष्टमभाव को देखने से पुरातत्त्व एवं आयु में वृद्धि होती है। ऐसा व्यक्ति सुखी, सम्पन्न तथा यशस्वी जीवन बिताता है। ६७४ 'कन्या' लग्न की कुण्डली में 'तृतीयभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश कन्या लग्न : तृतीयभाव : चन्द्र तीसरे भाव में मित्र 'मंगल' की राशि पर नीच के 'चन्द्रमा' के प्रभाव से जातक के पराक्रम तथा भाई-बहिन के सुख में कमी आती है, धनोपार्जन में कठिनाइयां आती हैं तथा चिन्ताएं बनी रहती हैं। सातवीं उच्च दृष्टि से नवमभाव को देखने से परिश्रम द्वारा भाग्योन्नति होती है तथा धर्म-पालन में भी रुचि बनी रहती है। ६७५ 'कन्या' लग्न की कुण्डली में 'चतुर्थभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश कन्या लग्न : चतुर्थभाव : चन्द्र चौथे भाव में मित्र 'गुरु' की राशि पर स्थित 'चन्द्रमा' के प्रभाव से जातक को माता, भूमि एवं भवन आदि का पर्याप्त सुख प्राप्त होता है और सदैव प्रसन्न बना रहता है। सातवीं मित्रदृष्टि से दशमभाव को देखने से पिता, राज्य तथा व्यवसाय के क्षेत्र में भी यश, सम्मान, सफलता, उन्नति एवं प्रभाव की वृद्धि होती है। ६७६ 'कन्या' लग्न की कुण्डली में 'पंचमभाव' स्थित 'चन्द्रमा' का फलादेश कन्या लग्न : पंचमभाव : चन्द्र पाँचवें भाव में शत्रु 'शनि' की राशि पर स्थित 'चन्द्रमा' के प्रभाव से जातक की सन्तान तथा विद्या-बुद्धि पक्ष की वृद्धि होती है तथा उसी के द्वारा धन-लाभ भी होता है। सातवीं दृष्टि से स्वराशि के एकादशभाव को देखने से आमदनी में भी वृद्धि होती है। ऐसा व्यक्ति, सुखी जीवन बिताता है। ६७७

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक) · पृष्ठ 296, कुल 638 में से · BharatKosha