भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३३७ 'तुला' लग्न में 'सूर्य' का फलादेश १—'तुला' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'सूर्य' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ७७० से ७८१ के बीच देखना चाहिए। २—'तुला' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न बालों में स्थित 'सूर्य' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— चित महीने में 'सूर्य'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ७७० (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ७७१ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ७७२ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ७७३ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो की संख्या ७७४ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ७७५ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ७७६ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ७७७ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ७७८ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ७७९ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ७८० (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ७८१ 'तुला' लग्न में 'चन्द्रमा' का फलादेश १—'तुला' लग्न वालों की अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ७८२ के ७९३ के बीच देखना चाहिए। २—'तुला' लग्न वालों की गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ७८२ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ७८३ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ७८४ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ७८५ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ७८६ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ७८७