भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३३८ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ७८८ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ७८६ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ७६० (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ७६१ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ७६२ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ७६३ 'तुला' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १—'तुला' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का स्थायी फलादेश संख्या उदाहरण-कुण्डली ७६४ से ८०५ के बीच देखना चाहिए। २—'तुला' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मंगल'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ७६४ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ७६५ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ७६६ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ७६७ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ७६८ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ७६६ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ८०० (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ८०१ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ८०२ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ८०३ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ८०४ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ८०५ 'तुला' लग्न में 'बुध' का फलादेश १—'तुला' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ८०६ से ८१७ के बीच देखना चाहिए। २—'तुला' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली से विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल'