भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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३८३ २. 'वृश्चिक' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'शनि' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ६५१ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ६५२ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ६५३ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ६५४ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ६५५ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ६५६ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ६५७ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ६५८ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ६५९ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ६६० (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ६६१ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ६६२ 'वृश्चिक' लग्न में 'राहु' का फलादेश १. 'वृश्चिक' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या ६६३ से ६७४ के बीच देखना चाहिए। २. 'वृश्चिक' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'राहु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या ६६३ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या ६६४ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या ६६५ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या ६६६ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या ६६७ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या ६६८ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या ६६९ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या ६७० (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या ६७१ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या ६७२ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या ६७३ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या ६७४