भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 400, कुल 638 में से

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४०६ 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'द्वितीयभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : द्वितीयभाव : शनि दूसरे भाव में शत्रु 'गुरु' की राशि पर स्थित 'शनि' के प्रभाव से जातक को धन, कुटुम्ब का सामान्य सुख मिलता है, परन्तु भाई-बहिन के सुख में कमी आती है। तीसरी दृष्टि से स्वराशि में चतुर्थभाव को देखने से माता, भूमि तथा भवन का सुख प्राप्त होता है। सातवीं मित्र-दृष्टि से अष्टमभाव की देखने से आयु तथा पुरातत्त्व की वृद्धि होती है। दसवीं मित्र-दृष्टि से एकादशभाव की देखने से आमदनी में अत्यधिक वृद्धि होती है। ऐसा जातक सुखी तथा धनी जीवन बिताता है। 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'तृतीयभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : तृतीयभाव : शनि तीसरे भाव में स्वक्षेत्री 'शनि' के प्रभाव से जातक को भाई-बहिनों का सुख प्राप्त होता है तथा पराक्रम में वृद्धि होती है। माता, भूमि एवं भवन का सुख भी मिलता है। तीसरी शत्रु-दृष्टि से पंचमभाव को देखने से सन्तान तथा विद्या के क्षेत्र में कुछ कठिनाइयों के साथ सफलता मिलती है। सातवीं शत्रु-दृष्टि से नवमभाव को देखने से कुछ कठिनाइयों के साथ भाग्य की उन्नति होती है तथा मतभेदों के साथ धर्म का भी पालन होता है। दसवीं उच्च तथा मित्र-दृष्टि से द्वादशभाव को देखने से खर्च अच्छी तरह चलता है तथा बाहरी सम्बन्धों से लाभ होता है। 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'चतुर्थभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : चतुर्थभाव : शनि चौथे भाव में स्वराशि-स्थित 'शनि' के प्रभाव से जातक को माता, भूमि तथा भवन का श्रेष्ठ सुख प्राप्त होता है। भाई-बहिन के सुख तथा पराक्रम में भी वृद्धि होती है। तीसरी नीच-दृष्टि से षष्ठभाव को देखने से शत्रु-पक्ष द्वारा अशान्ति मिलती है। सातवीं शत्रु-दृष्टि से दशमभाव की देखने से पिता से मतभेद रहता है तथा राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में भी अधिक सफलता नहीं मिलती। दसवीं शत्रु-दृष्टि से प्रथमभाव को देखने से शारीरिक सौन्दर्य में कुछ कमी रहती है किन्तु जातक बहुत परिश्रमी होता है।

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