भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
पृष्ठ 402, कुल 638 में से
संदर्भ में पढ़ें४११ 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'अष्टमभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : अष्टमभाव : शनि आठवें भाव में मित्र 'बुध' की राशि पर स्थित 'शनि' के प्रभाव से जातक की आयु तथा पुरातत्त्व का लाभ होता है, परन्तु माता के सुख में बहुत कमी आती है। भूमि, भवन तथा भाई-बहिनों का सुख भी कम ही मिलता है। तीसरी शत्रु-दृष्टि से दशमभाव को देखने से पिता से वैमनस्य रहता है तथा राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में हानि उठानी पड़ती है। सातवीं शत्रु-दृष्टि से द्वितीयभाव की देखने से धन-संचय में कमी तथा कुटुम्ब से वैमनस्य रहता है। दसवीं शत्रु-दृष्टि से पंचमभाव को देखने से विद्या, बुद्धि एवं सन्तान का पक्ष अपूर्ण रहता है। 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'नवमभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : नवमभाव : शनि नवें भाव में शत्रु 'चन्द्रमा' की राशि पर स्थित शनि' के प्रभाव से जातक की भाग्योन्नति कुछ रुकावटों के साथ होती है तथा धर्म का पालन भी कठिनाई सहित होता है। माता, भूमि तथा भवन का सुख प्राप्त होता है। तीसरी मित्र-दृष्टि से एकादशभाव की देखने से आमदनी खूब रहती है तथा धन का अच्छा लाभ होता है। सातवीं दृष्टि से स्वराशि में तृतीयभाव की देखने से भाई-बहिन के सुख तथा पराक्रम में वृद्धि होती है। दसवीं नीच तथा शत्रु-दृष्टि से षष्ठभाव को देखने से शत्रु पक्ष में परेशानी रहती है तथा ननसाल पक्ष कमजोर रहता है। 'वृश्चिक' लग्न की कुण्डली के 'दशमभाव' स्थित 'शनि' का फलादेश वृश्चिकलग्न : दशमभाव : शनि दसवें भाव में शत्रु 'सूर्य' की राशि पर स्थित शनि के प्रभाव से जातक की कुछ कठिनाइयों के साथ पिता, राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता, सहयोग तथा सम्मान की प्राप्ति होती है। भाई-बहिनों का सुख भी कम ही मिलता है परन्तु पराक्रम में वृद्धि होती है। तीसरी मित्र तथा उच्च दृष्टि से द्वादशभाव को देखने से खर्च अधिक रहता है, परन्तु बाहरी सम्बन्धों से लाभ होता है। सातवीं दृष्टि से स्वराशि में चतुर्थभाव की देखने से माता से कुछ मतभेद रहता है तथा भूमि, भवन का सुख प्राप्त होता है। दसवीं मित्र-दृष्टि से सप्तमभाव को देखने से स्त्री तथा व्यवसाय के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलती है तथा घरेलू जीवन सुखमय बना रहता है।