भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
पृष्ठ 417, कुल 638 में से
संदर्भ में पढ़ें४२६ का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में ‘शनि’— (क) ‘मेष’ राशि पर हो तो संख्या १०६० (ख) ‘वृष’ राशि पर हो तो संख्या १०६१ (ग) ‘मिथुन’ राशि पर हो तो संख्या १०६२ (घ) ‘कर्क’ राशि पर हो तो संख्या १०६३ (ङ) ‘सिंह’ राशि पर हो तो संख्या १०६४ (च) ‘कन्या’ राशि पर हो तो संख्या १०६५ (छ) ‘तुला’ राशि पर हो तो संख्या १०६६ (ज) ‘वृश्चिक’ राशि पर हो तो संख्या १०६७ (झ) ‘धनु’ राशि पर हो तो संख्या १०६८ (ञ) ‘मकर’ राशि पर हो तो संख्या १०६६ (ट) ‘कुम्भ’ राशि पर हो तो संख्या १०७० (ठ) ‘मीन’ राशि पर हो तो संख्या १०७१ ‘धनु’ लग्न में ‘राहु’ का फलादेश १ ‘धनु’ लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित ‘राहु’ का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १०७२ से १०८३ के बीच देखना चाहिए। २- ‘धनु’ लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित ‘राहु’ का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में ‘राहु’— (क) ‘मेष’ राशि पर हो तो संख्या १०७२ (ख) ‘वृष’ राशि पर हो तो संख्या १०७३ (ग) ‘मिथुन’ राशि पर हो तो संख्या १०७४ (घ) ‘कर्क’ राशि पर हो तो संख्या १०७५ (ङ) ‘सिंह’ राशि पर हो तो संख्या १०७६ (थ) ‘कन्या’ राशि पर हो तो संख्या १०७७ (छ) ‘तुला’ राशि पर हो तो संख्या १०७८ (ज) ‘वृश्चिक’ राशि पर हो तो संख्या १०७६ (झ) ‘धनु’ राशि पर हो तो संख्या १०८० (ञ) ‘मकर’ राशि पर हो तो संख्या १०८१ (ट) ‘कुम्भ’ राशि पर हो तो संख्या १०८२ (ठ) ‘मीन’ राशि पर हो तो संख्या १०८३