भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

पृष्ठ 498, कुल 638 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 498

५०७ 'चन्द्रमा' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस दिन 'चन्द्रमा'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १२१८ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १२१६ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १२२० (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १२२१ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १२२२ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १२२३ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १२२४ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १२२५ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १२२६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १२२७ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १२२८ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १२२६ 'कुम्भ' लग्न में 'मंगल' का फलादेश १—'कुम्भ' लग्न वालों की अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १२३० से १२४१ के बीच देखना चाहिए। २—'कुम्भ' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'मंगल' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस महीने में 'मंगल'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १२३० (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १२३१ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १२३२ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १२३३ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १२३४ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १२३५ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १२३६ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १२३७ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १२३८ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १२३६ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १२४० (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १२४१

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक) · पृष्ठ 498, कुल 638 में से · BharatKosha