भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५१० का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'शनि'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १२७८ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १२७९ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १२८० (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १२८१ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १२८२ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १२८३ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १२८४ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १२८५ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १२८६ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १२८७ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १२८८ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १२८९ 'कुम्भ' लग्न में 'राहु' का फलादेश १—'कुम्भ' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का स्थायी फलादेश उदाहरण-कुण्डली संख्या १२९० से १३०१ के बीच देखना चाहिए । २—'कुम्भ' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'राहु' का अस्थायी फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'राहु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १२९० (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १२९१ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १२९२ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १२९३ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १२९४ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १२९५ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १२९६ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १२९७ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १२९८ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १२९९ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १३०० (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १३०१