भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

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५४८ 'मीन' लग्न

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(चार्ट के नीचे दाईं ओर: २३१४)

['मीन' लग्न की कुण्डलियों के विभिन्न भावों में स्थित विभिन्न ग्रहों के फलादेश का पृथक्-पृथक् वर्णन]

'मीन' लग्न का फलादेश

'मीन' लग्न में जन्म लेने वाला जातक सामान्य कद का, बड़ी आँखों वाला तथा बड़े मस्तिष्क वाला होता है। उसकी ठोड़ी में गड्ढा होता है। ऐसा व्यक्ति मित्र प्रकृति वाला, सतोगुणी, प्रचण्ड, विनम्र, चतुर, चंचल, धूर्त, आलसी, रोगी, अल्पभोजी, श्रेष्ठ पण्डित, यशस्वी, सुरतिवान्, स्त्री-प्रिय, जल- क्रीड़ा करने में कुशल, बहु-सन्ततिवान् तथा श्रेष्ठ रत्नाभूषणों को धारण करने वाला होता है। 'मीन' लग्न वाले जातक की प्रारम्भिक अवस्था सामान्य ढंग से व्यतीत होती है, मध्यभावस्था में वह दुःखी रहता है तथा अन्तिम अवस्था में सुख भोगता है। 'मीन' लग्न वाले जातक का भाग्योदय २१-२२ वर्ष की आयु में होता है।