भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

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६२६ (१०) जिस स्त्री के सातवें घर में स्थिर राशि हो (चित्र १५५३), उसका पति सदैव घर में रहता है। (११) जिस स्त्री के सातवें घर में चर राशि हो (चित्र १५५४), उसका पति सदैव परदेश में रहता है। (१२) जिस स्त्री के सातवें घर में द्वि- स्वभाव राशि हो (चित्र १५५५), उसका पति घर तथा परदेश में दोनों जगह रहता है। (१३) जिस स्त्री की जन्म-कुण्डली के सप्तमभाव में 'सूर्य' की स्थिति हो (चित्र १५५६), वह अपने पति द्वारा त्याग दी जाती है।

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