भारतकोश
भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)

Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary

महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा

DevanagariHindipublished638 पृष्ठ

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७२ ४. चतुर्थभाव के स्वामी को—चतुर्थेश, सुखेश, सुहृदेश । ५. पंचमभाव के स्वामी को—पंचमेश, सन्तानेश, विद्येश । ६. षष्ठ भाव के स्वामी को—षष्ठेश, द्वेषेश, शत्र्वेश । ७. सप्तमभाव के स्वामी को—सप्तमेश, जायेश, मदनेश । ८. अष्टमभाव के स्वामी को—अष्टमेश, जीवनेश, कालेश । ९. नवमभाव के स्वामी को—नवमेश, भाग्येश, धर्मेश । १०. दशमभाव के स्वामी को—दशमेश, राज्येश, कर्मेश । ११. एकादशभाव के स्वामी को—एकादशेश, लाभेश, उत्तमेश । १२. द्वादशभाव के स्वामी को—द्वादशेश, व्ययेश, दण्डेश । विशिष्ट ज्ञातव्य-विषय १. भावों की गणना लग्न से आरंभ की जाती है। लग्न को पहला भाव (घर) मान कर क्रमशः उसके बाईं ओर को गिनते हुए द्वादश भावों की गणना करनी चाहिए। लग्न कोई भी क्यों न हो, इससे क्रमिक-गणना में कोई अन्तर नही आता। २. जन्मकुण्डली के द्वादश भावों में स्थित विभिन्न राशियों के भावों की उनके लिए निश्चित अंकों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। जैसे—मेष के लिए १, वृष के लिए २, मिथुन के लिए ३, कर्क के लिए ४, सिंह के लिए ५, कन्या के लिए ६, तुला के लिए ७, वृश्चिक के लिए ८, धनु के लिए ९, मकर के लिए १०, कुम्भ के लिए ११ और मीन के लिए १२। ३. उच्चस्थ, स्वक्षेत्री, मित्रक्षेत्री अथवा उच्चक्षेत्र एवं स्वक्षेत्र पर दृष्टि डालने वाले ग्रह जिस स्थान पर बैठे होते हैं अथवा जहां दृष्टि डालते हैं, उस स्थान के फल की वृद्धि करते हैं। यथा— 'सूर्य' सिंह, मेष, वृश्चिक, धनु अथवा मीन राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो। 'चन्द्रमा' कर्क, वृष, सिंह, मिथुन अथवा कन्या राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो। 'मंगल' मेष, वृश्चिक, मकर, सिंह, कर्क, धनु अथवा मीन राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो। 'बुध' मिथुन, कन्या, सिंह, वृष अथवा तुला राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो। 'गुरु' धनु, मीन, कर्क, सिंह, मेष अथवा वृश्चिक राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो 'शुक्र' वृष, तुला, मीन, कन्या, मिथुन, मकर अथवा कुंभ राशि पर बैठा हो अथवा इन पर दृष्टि डालता हो।