भृगु संहिता (महर्षि भृगु - फलित सर्वाङ्ग दर्शन, कुण्डली-फल एवं कर्मविपाक सटीक)
Bhrigu Samhita Phalita Sarvanga Darshana with Commentary
महर्षि भृगु (सम्पादक: पं. नन्दलाल शास्त्री / खेमराज श्रीकृष्णदास) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें८५ जिस महीने में 'बुध'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १५२ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १५३ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १५४ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १५५ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १५६ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १५७ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १५८ (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १५९ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १६० (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १६१ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १६२ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १६३ 'मेष' लग्न में 'गुरु' का फलादेश १—'मेष' लग्न वालों को अपनी जन्मकुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'गुरु' का स्थायी-फलादेश उदाहरण-कुंडली संख्या १६४ से १७५ के बीच देखना चाहिए। २—'मेष' लग्न वालों को गोचर-कुण्डली के विभिन्न भावों में स्थित 'बुध' का अस्थायी-फलादेश निम्नलिखित उदाहरण-कुण्डलियों में देखना चाहिए— जिस वर्ष में 'गुरु'— (क) 'मेष' राशि पर हो तो संख्या १६४ (ख) 'वृष' राशि पर हो तो संख्या १६५ (ग) 'मिथुन' राशि पर हो तो संख्या १६६ (घ) 'कर्क' राशि पर हो तो संख्या १६७ (ङ) 'सिंह' राशि पर हो तो संख्या १६८ (च) 'कन्या' राशि पर हो तो संख्या १६९ (छ) 'तुला' राशि पर हो तो संख्या १७० (ज) 'वृश्चिक' राशि पर हो तो संख्या १७१ (झ) 'धनु' राशि पर हो तो संख्या १७२ (ञ) 'मकर' राशि पर हो तो संख्या १७३ (ट) 'कुम्भ' राशि पर हो तो संख्या १७४ (ठ) 'मीन' राशि पर हो तो संख्या १७५