संक्षिप्त ब्रह्मपुराण

संक्षिप्त ब्रह्मपुराण
Brahma Purana
महर्षि वेदव्यास द्वारा
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| ४२- क्षुधातीर्थ और अहल्या-संगमतीर्थका माहात्म्य | १६४ | ६९- कण्डुमुनिका चरित्र और मुनिपर भगवान् पुरुषोत्तमकी कृपा ...... | २७३ |
| ४३- जनस्थान, अश्वतीर्थ, भानुतीर्थ और अरुणा-वरुणा-संगमकी महिमा | १६९ | ७०- मुनियोंका भगवान्के अवतारके सम्बन्धमें प्रश्न और श्रीव्यासजीद्वारा उसका उत्तर | २८१ |
| ४४- गारुड़तीर्थ और गोवर्धनतीर्थकी महिमा...... | १७१ | ७१- भगवान्के अवतारका उपक्रम | २८४ |
| ४५- श्वेततीर्थ, शुक्रतीर्थ और इन्द्रतीर्थका माहात्म्य | १७३ | ७२- भगवान्का अवतार, गोकुलगमन, पूतना-वध, शकट-भञ्जन, यमलार्जुन-उद्धार, गोपोंका वृन्दावनगमन तथा बलराम और श्रीकृष्णका बछड़े चराना | २८६ |
| ४६- पौलस्त्य, अग्नि और ऋणमोचन नामक तीर्थोंका माहात्म्य ...... | १७७ | ७३ - कालिय नागका दमन | २९२ |
| ४७- सुपर्णा-संगम, पुरूरवस्तीर्थ, पञ्चतीर्थ, शमीतीर्थ, सोम आदि तीर्थ तथा वृद्धा-संगम-तीर्थकी महिमा | १८० | ७४- धेनुक और प्रलम्बका वध तथा गिरियज्ञका अनुष्ठान | २९५ |
| ४८- इलातीर्थके आविर्भावकी कथा ...... | १८४ | ७५- इन्द्रके द्वारा भगवान्का अभिषेक, श्रीकृष्ण और गोपियोंकी बातचीत, रासलीला और अरिष्टासुरका वध ...... | २९९ |
| ४९- चक्रतीर्थ और पिप्पलतीर्थकी महिमा, महर्षि दधीचि, उनकी पत्नी गभस्तिनी तथा उनके पुत्र पिप्पलादके त्यागकी अद्भुत कथा | १८७ | ७६- कंसका अक्रूरको नन्दगाँव जानेकी आज्ञा देना और केशीका वध तथा भगवान्के पास नारदका आगमन ...... | ३०४ |
| ५०- नागतीर्थकी महिमा | १९५ | ७७- अक्रूरका नन्दगाँवमें जाना, श्रीराम-कृष्णकी मथुरायात्रा, गोपियोंकी कथा, अक्रूरको यमुनामें भगवद्दर्शन, उनके द्वारा भगवान्की स्तुति, मथुरा-प्रवेश, रजक-वध और मालीपर कृपा | ३०६ |
| ५१- मातृतीर्थ, अविघ्नतीर्थ और शेषतीर्थकी महिमा | १९८ | ७८- कुब्जापर कृपा, कुवलयापीड, चाणूर, मुष्टिक, तोशल और कंसका वध तथा वसुदेवद्वारा भगवान्का स्तवन ...... | ३१३ |
| ५२- अश्वत्थ-पिप्पलतीर्थ, शनैश्चरतीर्थ, सोमतीर्थ, धान्यतीर्थ और विदर्भा-संगम तथा रेवती-संगम-तीर्थकी महिमा ...... | २०१ | ७९- भगवान्की माता-पितासे भेंट, उग्रसेनका राज्याभिषेक, श्रीकृष्ण-बलरामका विद्याध्ययन, गुरुपुत्रको यमपुरसे लाना, जरासंधकी पराजय, कालयवनका संहार तथा मुचुकुन्दद्वारा भगवान्का स्तवन ...... | ३१७ |
| ५३- पूर्णतीर्थ और गोविन्द आदि तीर्थोंकी महिमा, धन्वन्तरि और इन्द्रपर भगवान्की कृपा...... | २०५ | ८०- बलरामजीकी ब्रजयात्रा, श्रीकृष्णद्वारा रुक्मिणीका हरण तथा प्रद्युम्नके द्वारा शम्बरासुरका वध . | ३२२ |
| ५४- श्रीरामतीर्थकी महिमा | २१० | ८१- श्रीकृष्णकी संतति, अनिरुद्धके विवाहमें रुक्मीका वध, भौमासुरका वध, पारिजात-हरण तथा इन्द्रकी पराजय ...... | ३२५ |
| ५५- पुत्रतीर्थकी महिमा ...... | २१४ | ८२- भगवान् श्रीकृष्णका सोलह हजार स्त्रियोंसे विवाह और उनकी संतति तथा उषाका अनिरुद्धके साथ विवाह | ३३१ |
| ५६- यम, आग्नेय, कपोत और उलूक-तीर्थकी महिमा ...... | २१९ | ८३- पौण्ड्रकका वध और बलरामजीके द्वारा हस्तिनापुरका आकर्षण ...... | ३३५ |
| ५७- तपस्तीर्थ, इन्द्रतीर्थ और वृषाकपि एवं अब्जकतीर्थकी महिमा | २२२ | ८४- द्विविदका वध, यदुकुलका संहार, अर्जुनका पराभव और पाण्डवोंका महाप्रस्थान | ३३८ |
| ५८- आपस्तम्बतीर्थ, शुक्लतीर्थ और श्रीविष्णुतीर्थकी महिमा | २२८ | ||
| ५९- लक्ष्मीतीर्थ और भानुतीर्थका माहात्म्य | २३२ | ||
| ६०- खड्गतीर्थ और आत्रेयतीर्थकी महिमा ...... | २३६ | ||
| ६१- परुष्णीतीर्थ, नारसिंहतीर्थ, पैशाचनाशनतीर्थ, निम्नभेदतीर्थ और शङ्खह्रदतीर्थकी महिमा... | २३९ | ||
| ६२- किष्किन्धातीर्थ और व्यासतीर्थकी महिमा ... | २४४ | ||
| ६३- कुशतर्पण एवं प्रणीता-संगम-तीर्थकी महिमा | २४७ | ||
| ६४- सारस्वत तथा चिच्चिकतीर्थका माहात्म्य ..... | २५० | ||
| ६५- भद्रतीर्थ, पतत्रितीर्थ और विप्रतीर्थकी महिमा | २५५ | ||
| ६६- चक्षुस्तीर्थका माहात्म्य | २६० | ||
| ६७- सामुद्र, ऋषिसत्र आदि तीर्थोंकी महिमा तथा गौतमी-माहात्म्यका उपसंहार ...... | २६४ | ||
| ६८- अनन्त वासुदेवकी महिमा तथा पुरुषोत्तमक्षेत्रके माहात्म्यका उपसंहार | २६९ |