भारतकोश
ब्रह्मचर्य ही जीवन है

ब्रह्मचर्य ही जीवन है

Brahmacharya Hi Jeevan Hai

स्वामी शिवानन्द द्वारा

स्रोत: Chatra Hitkari Pustakmala, Daraganj, Prayag (1926) · Kedarnath Gupta, Chatra Hitkari Pustakmala · 1926 (उद्गम)

DevanagariHindipublished199 पृष्ठ

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सस्ती साहित्य पुस्तकमाला

प्रकाशित पुस्तकें

वंकिम ग्रन्थावली—प्रथम खंड—वंकिम बाबू के आनन्द मठ, लोक-रहस्यं तथा देवी चौधरानी का अविकल अनुवाद । पृष्ठ संख्या ४१२ मू० १)

गोरा—जगत् विख्यात रवीन्द्रनाथ ठाकुर कृत गोरा नामक पुस्तक का अविकल अनुवाद । पृष्ठ-संख्या ६८८ मू० १।-॥ सजिल्द १॥३॥

वंकिम ग्रन्थावली—द्वितीय खण्ड—वंकिम बाबू के सीताराम और दुर्गेश नन्दिनी का अविकल अनुवाद । पृष्ठ संख्या ४३२ मू० ॥-॥ सजिल्द १॥३॥

वंकिम ग्रन्थावली—तीसरा खण्ड—वंकिम बाबू के कृष्ण कान्तेर बिल, कपाल कुण्डला, और रजनी का अविकल अनुवाद । पृष्ठ संख्या ४३२ मू० ॥-॥ सजिल्द १॥३॥

चण्डी चरण ग्रन्थावली—प्रथम खण्ड । अर्थात् टॉम काका की कुटिया ( Uncle Toms Cabin ) का अविकल अनुवाद । पृष्ठ संख्या ४६२ मू० १॥॥ सजिल्द १॥॥

चण्डी चरण ग्रन्थावली—दूसरा खण्ड—चण्डी चरण सेन के दीवान गंगा गोविन्द सिंह का अविकल अनुवाद । पृष्ठ संख्या २६० मू० ॥॥

श्रीमत् बाल्मीकीय रामायण—बालकाण्ड—साहित्याचार्य पं० चन्द्रशेखर शास्त्री कृत सरल हिन्दी अनुवाद सहित बड़े साइज का १६२ पृष्ठ का मू० ॥॥

अयोध्या काण्ड—मू० १॥॥

आरण्य काण्ड—मू० ॥॥

सस्ती साहित्य पुस्तकमाला कार्यालय, बनारस सिटी ।