ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंब्रह्मचर्य रक्षण विधि
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आत्मा है। नाम और रूप मिथ्या है। वे मायिक चित्र हैं। आत्मा के अतिरिक्त उनकी कोई भी अपनी स्वयम् सत्ता नहीं हैं।
कामवासना क्षय के लिये ज्ञान योग के मार्ग में केवल ज्ञान-युद्ध साधक ही 'ब्रह्मविचार' की विधि का आश्रय ले सकते हैं। अधिकांश मनुष्यों के लिये मिश्रित रीति बहुत ही अनुकूल और लाभकर है। जब शत्रु अधिक प्रबल होते हैं तो उनको नाश करने के लिये लाठियाँ, पिस्तोल, बंदूकें, मशीनगन, सबमैरिन (जल के भीतर चलने वाली जहाज), तारपीडो (जहाजों की पेंदी तोड़ने का गोला फेंकने वाला जहाज), बम (बमगोला), विगैल्लो गैस आदि अस्त्र शस्त्रों का युक्त प्रयोग करके शत्रु को नष्ट जाता है। ठीक इसी प्रकार काम रूपी प्रबल शत्रु का नारा करने के लिये युक्त साधनों को काम में लाना परमानवश्यक है।