भारतकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

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ब्रह्मचर्य साधना

आरम्भ में आसन का अभ्यास केवल एक या दो मिनट के लिये ही कीजिये और पुनः शनैः शनैः जितना हो सके, समय बढ़ाते जाइये। जब आप सभी योगिक क्रियाओं का अभ्यास करते हैं तो आप को सजग रहना चाहिये कहीं अत्यधिक परिश्रम न हो। हर समय प्रसन्नता और आनन्द रहना चाहिये।

संसार में जितने जीवधारी प्राणियों की जातियाँ हैं, उतने ही आसन हैं। यहाँ मैंने आपको कुछ सुने हुये आसनों के संबंध में शिक्षाएँ दी हैं, जो ब्रह्मचर्य के लिये परम उपयोगी है।

दन्व त्रय