ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
DevanagariHindipublished237 पृष्ठ
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ब्रह्मचर्य साधना
पहला अध्याय
ब्रह्मचर्य क्या है ?
ब्रह्मचर्य मन, वचन और कर्म की पवित्रता है। ब्रह्मचर्य अविवाहित जीवन है, ब्रह्मचर्य अत्यधिकार है, केवल जननेन्द्रिय को ही काबू में करना ब्रह्मचर्य नहीं है। यह ब्रह्मचर्य की विस्तृत (स्पष्ट) अर्थ में व्याख्या है। ब्रह्मचर्य वेदों और ईश्वर के आशय को निर्दिष्ट (सूचित) करता है। ब्रह्मचर्य में चरित्र निर्माण सम्मिलित है। ब्रह्मचर्य परमावश्यक है। ब्रह्मचर्य एक यान्त्रित पदार्थ है। ब्रह्मचर्य बड़े महत्व की वस्तु है। लोग कहते हैं “ज्ञान शक्ति है।” परन्तु मैं पूर्ण विश्वास के