ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंब्रह्मचारी कौन है ?
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ब्रह्मचर्य में सफलता प्राप्त करने के लिए कुछ आध्यात्मिक साधन नीचे दिए जाते हैं:—
कामुक वृत्तियों तथा विचारों से मुक्त रहना ही ब्रह्मचर्य है। ब्रह्मचारी को काम-दृष्टि से भी मुक्त रहना चाहिए। भगवान् जीसस का कथन है “यदि आपकी कामातुर दृष्टि ही हो गई तो आप अपने हृदय में अभिन्ना कर चुके हैं” सच्चा ब्रह्मचारी स्त्री, कागज, लकड़ी या पत्थर के टुकड़े को स्पर्श करने में कुछ भी भिन्नता का अनुभव नहीं करेगा।
अखण्ड ब्रह्मचारी
अखंड ब्रह्मचारी जिसने बारह वर्षों तक अपने जीवन की एक बूंद भी क्षय नहीं की है। सहज में ही बिना कुछ प्रयत्न के समाधि को प्राप्त कर सकता है। प्राण और मन उसके सर्वथा अधीन होते हैं। बाल ब्रह्मचारी, अखंड ब्रह्मचारी का ही एक पर्यायवाची शब्द है। अखंड ब्रह्मचारी में, धारणा शक्ति (ममत्वे की शक्ति), स्मृति शक्ति (याद रखने की शक्ति), और विचार शक्ति (अन्वेषण या ज्ञान करने की शक्ति) होती है। उसकी बुद्धि और शान शक्ति शुद्ध और तीव्र होती है अतः उसके लिए मनन और निदिध्यासन की आवश्यकता नहीं होती अखंड ब्रह्मचारी बहुत ही कम पाए जाते हैं। परन्तु कुछ अवश्य मिलेंगे। आप भी अखंड ब्रह्मचारी हो सकते हैं, यदि आप उचित रीति व मन्त्रों से प्रयत्न करें। केवल जटा पट्टा होने तथा सारे शरीर में राख लगा लेने से कोई भी अखंड ब्रह्मचारी नहीं बन सकता। वह ब्रह्मचारी जिसने