भारतकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

DevanagariHindipublished237 पृष्ठ

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स्तोत्र

(१) शिव स्तोत्र

कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी सदा सज्जनानंद दाता पुरारी चिदानंद संदोह मोहोपकारी प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥

हे अपरिवर्तनशील, कल्याणमय पुरारी; के कल्पो अन्त करने वाले, सज्जनों को सदा आनन्द देने वाले, ज्ञान एवं आनन्द की अवधि; मोह को दूर करने वाले, काम के नाशक..... हे प्रभु ! मुझ पर कृपा कीजिये, मुझ पर कृपा कीजिये ।

(२) सदगुरु स्तोत्र

ॐ नमः शिवाय गुरवे सच्चिदानन्दमूर्त्तये । निष्प्रपंचाय शांताय निरालंबाय तेजसे ॥

भगवान् शिव को नमस्कार जो परम गुरु हैं, जो नित्य जीवन, ज्ञान तथा आनन्द के स्वरूप हैं, जो सारे प्रपंचों से मुक्त हैं, जो शांति की मूर्ति हैं, जो आलंबन या आधार से रहित हैं, तथा जो ज्योतियों की ज्योति—तेजोमय हैं ।

(३) गायत्री मन्त्रः

ॐ भूर भुवः स्वः तत् सवितुर् वरेण्यम् । भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

हम ईश्वर तथा उसकी महिमा पर ध्यान करें, जिसने इस जगत की सृष्टि की है, जो पूजा करने योग्य है, जो सारे पापों तथा अश्वान का निवारक है, वह हमारी बुद्धि को आलोकित करे ।

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