ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
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ब्रह्मचर्य कावना
गाथ दृष्टना पड़ेगा । जिस प्रकार लोमड़ी अपने को भाड़ी में छुपाये रखती है, ठीक उसी प्रकार यह काम भी अपने को मन के अन्तःस्थानों और आश्रय में छुपाये रखता है । आप उसकी क्षमता का अनुसन्धान केवल तभी ही कर सकते हैं, जब कि आप पूर्ण सावधान हैं इसमें आत्म निरीक्षण की अत्यन्त आवश्यकता है । जिस प्रकार अपने पराक्रमी शत्रुओं को जीतने के लिए आपको उन पर चारों ओर से एक साथ आक्रमण करना पड़ेगा, ठीक उसी प्रकार से अपनी प्रबल इन्द्रियों को वश में करने के लिये आपको उन पर भीतर, बाहर, ऊपर, नीचे, चारों ओर में आक्रमण करना पड़ेगा ।
जंगली शेर, चीते व हाथी को वश में करना सहज है । विपेले सर्प के साथ खेलना आसान है । यदि के ऊपर चलना कठिन नहीं है । यदि को नियलना तथा समुद्र के पानी को पी डालना भी कोई कठिन कार्य नहीं है । हिमालय जैसे पर्वत भी उखाड़ कर फेंके जा सकते हैं । रणक्षेत्र में विजय प्राप्त करना कोई बड़ी बात तो नहीं है । परन्तु काम वासना का उन्मूलन करना अति कठिन है । ऐसा होने पर भी आपको तनिक भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है । ईश्वर के नाम तथा उसके अनुग्रह में विश्वास रखिये । बिना भगवान की कृपा के काम वासना का समूल नष्ट होना असंभव है । यदि आप को भगवान में विश्वास है तो आपको सफलता अवश्य प्राप्त होगी । आप एक ही क्षण में कासवासना का नाश करने में समर्थ हो सकते हैं । यदि भगवान की कृपा हो