भारतकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

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स्वप्नदोष

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ही स्वप्न दोष का अन्य कारण है सोने के पहिले टडी पेशाब करके सोना चाहिए।

यदि आपको हृद कोष्ठवदता (कब्ज) की शिकायत के कारण दस्त साफ नहीं होता है और आंतें मल से भरी रहती हैं, तो इससे भी आपकी शुक्र संबंधी नाड़ियों पर दबाव पड़ेगा और तदनुसार आपको रात्रि में स्वप्न-दोष हो जायगा।

कभी कभी, टडी या पेशाब साफ न आने से, शरीर में गर्मा अधिक रहने से, अधिक घूमने फिरने से, तथा अधिक मिट्टाई, मिर्च और नमक के सेवन से भी स्वप्नदोष हो जाया करता है।

धातु संबंधी दुर्बलता, स्वप्नदोष, कामुक स्वप्न तथा दुराचारी जीवन के अन्य सभी परिणाम मनुष्य के जीवन को दुःखमय बना देंगे, यदि उचित साधना द्वारा उनकी यथा समय रोक न की गई। कैफर मोनोबोमेटा पिल्स Camphor (MonoPills) तथा अन्य प्रकार के मिक्स्चर जैसे Sp. Camphor, Tr. Belladone इत्यादि से भी स्वप्न-दोष का निवारण हो सकता है, परन्तु इनसे भी सदा के लिए रोग का छुटकारा नहीं होता। जब तक दवाई का सेवन किया जाता है, तब तक रोग से केवल क्षणिक मुक्ति मिलती है। पश्चिम के वैद्य लोग भी स्वीकार करते हैं कि इन औषधियों से सदा के लिये रोग से मुक्ति नहीं मिलती। ज्योंही औषधि का सेवन बढ़ गया कि रोग और भी अधिक बढ़ जायगा। कभी कभी ऐसा भी होता है कि इन दवाईयों के कारण रोगी गपु भुक हो जाता है। चिरस्थायी प्रभावशाली चिकित्सा

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