ब्रह्मचर्य विज्ञान
Brahmacharya Vigyaan
पं. जगन्नारायणदेव शर्मा द्वारा
स्रोत: Sarvahitkari Grantha Mala · Sarvahitkari (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंप्रश्नोत्तर-विज्ञान
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रक्क बनना चाहते हैं, उन्हें चाहिये कि पहले पहल उसके श्रद्धालु बनें।
सच्ची श्रद्धा से नीचे लिखे लाभ होते हैं:—
(१) सच्ची श्रद्धा से कोई भी कार्य सरलता से सिद्ध जाता है। (२) मन में उत्साह रहता है। (३) प्रसन्नता उत्पन्न रहती है। (४) दुर्गुणों का नाश होता है। और (५) प्रकार के सुधार और आत्म-संयम हो सकते हैं।
(२४) दृढ़ विश्वास
'विश्वासः फल दायकः।'
(सि)
विश्वास फल का देने वाला होता है।
विश्वास के बिना प्रत्येक कार्य के करने में भय प्रतीत हो है। और भय के हो जाने से उसकी पूर्ति के लिये उचित उद्ये नहीं होता। अविश्वास के कारण हमने कई लोगों को साधारण साधारण कार्य में असफल होते देखा है, और कठिन से कठिन कार्य में भी अपने विश्वास के कारण लोग सफल हुये हैं। धी रचा के लिये भी दृढ़ विश्वास की नितान्त आवश्यकता होती है इस बात का प्रति समझ विश्वास रखना चाहिये कि हम अवश्य इस व्रत में सफल होंगे। फिर किसी भाँति का भय नहीं सकता। कष्टों के पड़ने पर भी विश्वास को दृढ़ रखना चाहिये दृढ़ विश्वास से नीचे लिखे लाभ होते हैं:—
(१) दृढ़ विश्वास से कार्य-साधन में सफलता मिलती है।