भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

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पृष्ठ 18

( २ ) (१८१७ ख्रीष्टाब्दे) कृत इत्युपलभ्यते। अत्र ब्राह्मस्फुटसिद्धान्तेऽष्टाधिक सहस्र- १००८मिता आर्याः सन्ति, तथा पूर्वार्धे १. मध्यगतिः। २. स्पष्टगतिः। ३. त्रिप्रश्ना- ध्यायः। ४. चन्द्रग्रहणाध्यायः। ५. सूर्यग्रहणाध्यायः। ६. उदयास्तमयाध्यायः। ७. चन्द्रशृङ्गोन्नत्यध्यायः। ८. चन्द्रच्छायाध्यायः। ९. ग्रहयुत्यध्यायः, १० भगृह- युत्यध्यायः, इति दशाध्यायाः सन्ति। परार्धे च १. तन्त्र परीक्षाध्यायः। २. गणिताध्यायः। ३. मध्यगत्युत्तराध्यायः। ४. स्फुटगत्युत्तराध्यायः। ५. त्रिप्रश्नोत्तराध्यायः। ६. ग्रहणोत्तराध्यायः। ७. छेद्यकाध्यायः। ८. शृङ्गोन्न- त्युत्तराध्यायः। ९. कुट्टकाकाराध्यायः। १०. छन्दश्चित्युत्तराध्यायः। ११. गोला- ध्यायः। १२. यन्त्राध्यायः। १३. मानाध्यायः। १४. संज्ञाध्यायः। इति चतुर्दशा- ध्यायाः सन्ति, पूर्वार्धपरार्धाध्याययोर्योगेन चतुर्विंशतिरध्याया अत्र ग्रन्थे सन्ति।

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