ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
पृष्ठ 33, कुल 737 में से
संदर्भ में पढ़ेंि'त्यादेर्विलोमेन परिधितो व्यासानयनवदस्ति,-> wait,'तद्वर्गतो दशगुणात्पदं परिधिरि'त्यादेर्विलोमेन * श्रीपतिनापि 'कालः स्यात्परिवेर्वर्गाद्दिग्भक्ताच्च पदं त्विहे'ति प्रकारानुकूलैव त्रिज्या--> wait, is itस्यात्परिवेर्वर्गाद्orस्यात्परिधेर्वर्गाद्? Look closely at परिधेर्वर्गाद्: the letter has the loop at the top left characteristic of ध, but no top line across it. Yes, it's ध! But wait, does it look like वे? No, look at वinवर्गाद्: वhas a rounded belly on the left with vertical line on right and full top line.धinपरिधेर्has the characteristic curly left horn ofध! So it is परिधेर्वर्गाद्. * तिथियुगाग्नि ३४१५ मिताऽस्तीति स्वीकृता भास्कराचार्येण 'व्यासे भनन्दाग्नि- * हते विभक्ते खबाणसूर्यैः परिधिः सुसूक्ष्मः' इत्यनेन व्यासात्परिध्यानयनं कथ्यते ।`