ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)
Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary
आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा
DevanagariHindipublished737 पृष्ठ
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( ३ ) मनुरेक सप्ततियुगः² कल्पो³ मनवश्चतुर्दश मनूनाम् । आद्यंतरांतसंधिषु⁵ कृतकालो⁴ऽस्माद्द्युगसहस्रम्⁶ ॥ १० ॥ ४३२०००००००¹ आद्यंतरातसंधिषु⁴ कल्पमनूनां⁵ कृताब्दसमकालम्⁶ । नेच्छंति ये षडूनं¹ तेषां कल्पो युगसहस्रम्² ॥ ११ ॥ ४२६४०८०००० मनुसंधियुग⁵मिच्छत्यार्यभटस्तन्मनुर्यतस्त्वयुगः । कल्पश्चतुर्युगानां² सहस्रमष्टाधिकं³ तस्य ॥१२॥ ४३५४५६००००⁴
१०. (घ) २. ४३२०००००० for (४३२०००००००) (क) संख्या लुप्त है। टीका में
अंकित है।
(ग) २ + ७१ + (च)
३ कल्पो नवचतुर्दश १४ (च) for (कल्पोमनवश्चतुर्दश